ऐसा प्रतीत होता है, आंदोलन को उग्र करने का किसी ने षड्यंत्र रचा : डॉ० मोहम्मद अयूब

ऐसा प्रतीत होता है, आंदोलन को उग्र करने का किसी ने षड्यंत्र रचा : डॉ० मोहम्मद अयूब


प्रदेश की स्थिति भयावह बनी और प्रदेश भर में 15 से ज्यादा लोगों की शहादत हुई  जिसकी जिम्मेदार भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। क्योंकि यह अहंकारी सरकार जनता की आवाज को दबाना चाहती है।


अगर प्रदेश सरकार अपनी दमनकारी नीति नहीं छोड़ती है और केंद्र सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेती है। जोकि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 का सीधा उल्लंघन है तो देश एवं प्रदेश की स्थिति भयावह हो जाएगी।


     शादाब चौहान
राष्ट्रीय प्रवक्ता पीस पार्टी


मंगलवार को पीस पार्टी की प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० मोहम्मद अयूब ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून नामी काले कानून के बाद जिस तरीके से जनता में विरोध है और लोकतांत्रिक तरीके से इस काले कानून के खिलाफ जनता आंदोलन कर रही है। ऐसा प्रतीत होता है, आंदोलन को उग्र करने का किसी ने षड्यंत्र रचा। जिस कारण प्रदेश की स्थिति भयावह बनी और प्रदेश भर में 15 से ज्यादा लोगों की शहादत हुई। एवं हजारों लोग घायल हुए और आमजन का भी नुकसान हुआ। जिसकी जिम्मेदार भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। क्योंकि यह अहंकारी सरकार जनता की आवाज को दबाना चाहती है। जबकि संविधान यह अधिकार हर नागरिक को देता है कि वह सरकार की किसी पॉलिसी से अगर नाखुश है तो उसका इजहार कर सके। साथी डॉक्टर अयूब ने कहा कि पीस पार्टी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी कि जिस तरीके से सीधी गोली चलाने का काम कई जगह पर यूपी पुलिस ने किया है। 
पीस पार्टी आज एक कमेटी का गठन कर रही है जो प्रदेशभर में दौरा करके सच्चाई केे आधार पर एक रिपोर्ट जारी करेगी। जिससे जनता के सामने सच्चाई आ सके और इस काले कानून के विरुद्ध पीस पार्टी हर तरह की संवैधानिक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। लेकिन पीस पार्टी हमेशा पुरअमन आंदोलन की पक्षधर रही है। क्योंकि आंदोलन उग्रता की बुनियाद पर सफल नहीं हुआ करते। ऐसा हमारा मानना है। लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री की भाषा शैली को भी कहीं हद तक हम जिम्मेदार मानते हैं।
      अगर प्रदेश सरकार अपनी दमनकारी नीति नहीं छोड़ती है और केंद्र सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेती है। जोकि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 का सीधा उल्लंघन है तो देश एवं प्रदेश की स्थिति भयावह हो जाएगी। इसीलिए पीस पार्टी चिंतित है और प्रयास कर रही है कि इस कानून के खिलाफ भी संवैधानिक लड़ाई लड़ी जाए और देश एवं प्रदेश में शांति व्यवस्था भी कायम रहे।


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