जलालपुर गांव वासियों ने प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग
मुरादनगर ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई 

 

ग्राम जलालपुर के प्रधान पर गंभीर आरोप, कार्यों की जांच की मांग,  अधिकारियों के आदेशों की भी हो रही है अवहेलना  

 

मुरादनगर। ग्राम जलालपुर, रघुनाथपुर के प्रधान द्वारा फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किए जाने के बारे में ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों को शिकायत कर अवगत कराया गया है कि ग्राम पंचायत जलालपुर रघुनाथपुर ब्लॉक मुरादनगर जिला गाजियाबाद की ग्राम प्रधान सुनीता पंचायत के विकास हेतु राज्य सरकार व केंद्र सरकार द्वारा किया गया पैसे को फर्जी कार्य दिखाकर एवं अधिक लागत पर कराए गए विकास कार्यों के नाम पर सरकारी कर्मचारियों से चार्ज करके गबन किया गया है। जो निर्णय वर्ष माह अगस्त 2015 से माह अगस्त 2017 तक जो कार्य किए गए। मंदिर से लेकर बड़े नाले तक नाली का निर्माण अंकित 315000/- रुपए में किया गया। जो ग्राम प्रधान द्वारा दिखाया गया। जबकि ग्राम पंचायत जलालपुर, रघुनाथपुर के द्वारा मंदिर से लेकर सूरज के मकान तक कोई नाली का निर्माण नहीं कराया गया। निम्न सूरज के मकान से बड़े नाले तक नाली का निर्माण कराया गया किंतु नाली का निर्माण दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया गया। मंदिर से सूरज के मकान तक नाली पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा कराई गई थी। आसपाल के मकान से शेखर के मकान तक नाली निर्माण अंकन 190000 में किया गया। जबकि शीशपाल के मकान से शेखर के मकान तक कोई नाली का निर्माण नहीं कराया गया। केवल पूर्व में निर्माण नाली पर ही एक ईंट लगाकर नाली का निर्माण दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया गया। 

पत्र में आगे बताया गया है कि प्रधान द्वारा फर्जी कार्य दिखाकर पंचायत के विकास हेतु राज्य सरकार व केंद्र सरकार द्वारा किया गया। पैसे को फर्जी कार्य दिखाकर एवं अधिक लागत पर कराए गए। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी कर्मचारियों से चार्ज करके गबन किया गया है जो निर्णय वर्ष माह अगस्त 2015 से माह अगस्त 2017 तक जो कार्य किए गए।

 1. यह कि मंदिर से लेकर बड़े नाले तक नाली का निर्माण अंकित 315000/- रुपए में किया गया जो ग्राम प्रधान द्वारा दिखाया गया जबकि ग्राम पंचायत जलालपुर रघुनाथपुर के द्वारा मंदिर से लेकर सूरज के मकान तक कोई नाली का निर्माण नहीं कराया गया।

 

2. सूरज के मकान से बड़े नाले तक नाली का निर्माण कराया गया किंतु नाली का निर्माण दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया गया। मंदिर से सूरज के मकान तक नाली पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा कराई गई। आसपाल के मकान से शेखर के मकान तक नाली निर्माण  अंकन 190000 मैं किया गया। जबकि शीशपाल के मकान से शेखर के मकान तक कोई नाली का निर्माण नहीं कराया गया। केवल पूर्व में निर्माण नाली पर ही एक ईंट लगाकर नाली का निर्माण दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया गया। 

3. यह कि मदन के मकान से टीकाराम के मकान तक आरसीसी रोड का निर्माण करना 105000 किया गया। जबकि मैदान के मकान में टीकाराम के मकान के बीच की दूरी 20 से 25 फुट लंबी 4 फुट चौड़ी गली है। लागत से अधिक खर्च दिखाया गया जो सरकारी पैसे का गबन किया गया है।

4. बस यह कि वृक्षारोपण लगाने के अंकन 35 सो रुपए दिखाया गया जबकि गांव में कोई पौधा नहीं लगाया गया। वृक्षारोपण के नाम से पैसे का गबन किया गया।

5. यह कि अनिल के मकानों सूरज के मकान के बीच में पुलिया के निर्माण अंकन खर्चे जबकि पुरानी पुलिया को तोड़कर उसमें से सरिया निकालकर पुलिया में डाली गई किंतु नई सरिया पुलिया में नहीं डाली गई। जबकि पुलिस में पांच से ₹6000 का खर्च आया है। पुलिया के नाम पर सरकारी पैसे का गबन किया गया।

6. यह की शमशान की दीवार की मरम्मत अंकन ₹100000 खर्च दिखाया गया। पूर्व प्रधान द्वारा शमशान की दीवारों का निर्माण कराया गया क्योंकि वर्तमान प्रधान के निर्वाचित होने के लगभग 1 डेट वाइज पहले निर्माण कराया गया था। शमशान की दीवारों की मरम्मत के नाम पर सरकारी पैसे का गबन किया गया।

7. यह कि शमशान के चारों तरफ आरसीसी निर्माण में अंकन ₹550000 खर्च दिखाया गया। जबकि निर्माण कार्य निम्न स्तर वे लागत से अधिक खर्च दिखाया गया।

8. यह है कि तालाब सफाई का कूड़ा उठाई में अंकन ₹50000 दिखाया गया, जबकि ना तो तालाब को सफाई की गई और ना ही कूड़ा उठाया गया। सरकारी पैसे का गबन किया गया। ग्राम पंचायत जलालपुर, रघुनाथपुर बनाम मुरादनगर जिला गाजियाबाद में वर्ष 2018 से 2019 में ग्राम प्रधान द्वारा दिखाए गए विकास कार्य जो निम्न है।

पहला यह कि गांव में 10 हैंडपंप रिपोर्ट विभिन्न स्थानों पर लगाने में अंकन 613045 खर्चा दिखाया गया। जिन स्थानों पर हेड पंप रिपोर्टर लगाए जो भूप सिंह मदन कंकर ना लेपीर अजय कुमार भोपाल राजेंद्र मामचंद ज्योति पब्लिक स्कूल गांव में खजूर के पास ब्रह्मपाल के मकानों के बाद एल्बम रिकॉर्ड कर आएगा। जबकि गांव खजूर के पास कोई रिपोर्ट हेडपंप नहीं लगाया गया किंतु रिपोर्ट दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया गया। रिपोर्ट के नाम पर सरकारी पैसे को  गबन करने के उद्देश्य से जो हेडपंप सही पानी दे रहे थे उनको भी रिबोर दिखाया गया है। लेकिन यह जानकारी नहीं दी गई की किस कंपनी का पाइप लगाया गया और कितने वजन का पाइप लगाया था। इसका कोई विवरण नहीं दिखाया गया। लागत से अधिक खर्च दिखाया गया जबकि विकास के नाम पर सरकारी पैसों का गबन किया गया।

दूसरा, खेल के मैदान में बैंच पर अंकन ₹64000 दिखाया गया जबकि लागत से अधिक खर्च दिखाया गया। खेल का मैदान दिखाया गया है जो विवादित भूमि है जिसका माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में है। उसके बाद में जानते हुए भी वह सरकार पैसे का दुरुपयोग किया तथा गांव का कोई बच्चा या व्यक्ति खेल के मैदान में नहीं जाता है। केवल विकास का पैसा गबन करने के उद्देश्य से किया गया।

तीसरा, वृक्षारोपण का कार्य 43152 खर्च दिखाया गया जबकि वृक्षारोपण का कोई कार्य नहीं किया गया। वृक्षारोपण के नाम से सरकारी पैसे का गबन किया गया।

चौथा, यह कि कावड़ मार्ग पर लाइट जनरेटर अधिकार है ₹36000 खर्च दिखाया गया जबकि कांवड़ मार्ग पर ग्राम प्रधान द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया। उसके उपरांत कार्य दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया गया। कावड़ मार्ग दो पाइपलाइन पीर से सूरज बावली प्रमोद आदि का कस्बा मुरादनगर के निवासियों ने अपने निजी पैसे में चंदे के पैसे से कैंप लगाया। ग्राम पंचायत का कोई योगदान किसी प्रकार का नहीं रहा।

पांच, यह कि डस्टबिन लगाने पर अंकन ₹96000 खर्च दिखाया गया जबकि गांव में केवल सात से आठ जगहों पर निम्न स्तर के डस्टबिन लगाए गए। किस कंपनी के हैं उनका उल्लेख नहीं किया गया। डस्टबिन के नाम पर सरकारी पैसे का गबन किया गया।

छठा, यह कि मैदान में तारकशी खंबे लगाई बोर्ड आदि कार्य अंकन ₹32300 खर्च दिखाया गया। उस कार्य में लागत से अधिक खर्च दिखाया गया है जो सरकारी पैसे का गबन किया गया। जांच कराई जाए तो सन् 2015 से 2017 तक सन् 2018 से 2019 तक जो ग्राम जलालपुर, रघुनाथपुर मुरादनगर, तहसील मोदीनगर, जिला गाजियाबाद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से ग्राम के विकास के लिए समय-समय पर धन आवंटित हुआ। उस बात को जो भी ग्राम सचिव, ग्राम प्रधान के द्वारा गलत सूची फर्जी कागजात बनाकर कार्य दर्शित किया गया है। मांग की गई है कि प्रधान ग्राम, सचिव विकास खंड अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कर कानूनी कार्यवाही किए जाए। जिससे गांव में विकास के लिए सरकार के द्वारा आवंटित धन उपरोक्त लोगों से वापस वसूल कर विकास कार्य कराए जाएं। इस बारे में ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर उचित कार्यवाही की मांग की थी। आदेशों के बावजूद भी इस बारे में न जांच हुई है और न ही कोई कार्रवाई

जिससे लगता है कि कुछ अधिकारी भी इसमें मिले हुए हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में अविलंब जांच व कार्रवाई की मांग करते हुए, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, ग्राम विकास मंत्री, जिलाधिकारी आदि को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

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