सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सपा ने किया प्रदर्शन

सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सपा ने किया प्रदर्शन



ग्रेटर नोएडा। प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था, किसानों की समस्या, नागरिक संशोधन बिल, बिजली बिल एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में हो रही बेलगाम वृद्धि, बढ़ते भ्रष्टाचार, अपराध, बेरोजगारी आदि मुद्दों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालय के सामने धरना दिया और महामहिम राजपाल के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।



जिला मुख्यालय पर धरना स्थल पर पहुँचने को लेकर पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। इस दौरान सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने नागरिकता संशोधन विधेयक को देश को बांटने वाला बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। इस अवसर पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बीरसिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीति एवं तानाशाही के कारण आज आज प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और चारों तरफ जंगलराज कायम है। हत्या, लूट, अपहरण, महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म हत्या आदि आपराधिक घटनाओं की बाढ़ आई हुई है। भाजपा सरकार के शासन काल में आज पूरे देश में बालिकाओं और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश किसान की हालत बदहाल होती जा रही है। महंगे बिजली बिल, खाद, बीज, कीटनाशक दवाओं ने किसानों को तबाह कर दिया है।


दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे है। बेलगाम महंगाई के कारण आम आदमी को अपने परिवार का भरण-पोषण करने में बहुत मुश्किल हो रही है। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष फकीर चंद नागर ने कहा कि चुनाव में रोजगार देने को लेकर बड़े बड़े वायदा करने वाली भाजपा सरकार में बेरोजगारी चरम सीमा पर है। सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण छोटे उद्योग एवं व्यापार खत्म हो रहे है। देश के करोड़ों युवा शिक्षित होने के बावजूद रोजगार पाने के लिए ठोकरें कहा रहे है।  इस अवसर पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि देश की बेरोजगारी, महंगाई जैसी बुनियादी समस्यओं से ध्यान हटाने के लिए और अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए देश और समाज को जाति और संप्रदाय में बांटने का काम कर रही है।


संविधान के मूल ढांचे के विपरीत नागरिकता संशोधन विधेयक इस का उदाहरण है। नागरिकता संशोधन विधेयक से विश्व भर में भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि पर आघात लगा है। इस मौके पर मुख्य रूप सुनील चौधरी, अशोक चौहान, नरेंद्र नागर, कृशान्त भाटी, सुधीर तोमर, इन्द्रपाल छौंकर, सुधीर भाटी, नवाब कुरैशी, सुनील बदौली, श्याम सिंह भाटी, कृष्णा चौहान, भरत यादव, जयकरण चौधरी, देवेंद्र अवाना, विकास यादव, साकिर अली, जगवीर नम्बरदार, मनोज चौहान, विनोद लोहिया, महेंद्र यादव, इंद्र प्रधान,  सुनीता यादव, वीरेंद्र शर्मा, वकील सिद्दकी, देवेंद्र गुर्जर, विनोद यादव,  रविन्द्र यादव, समय भाटी, लोकेश चौधरी, आशरे गुप्ता, अनीस अहमद, सूबे यादव, प्रवीण गुर्जर, ओमपाल राणा, हैप्पी पंडित, राघवेंद्र दुबे, कालू यादव, मितिन भाटी, रेशपाल अवाना, अमित रौनी, जय यादव, विपिन नागर, विनीत भाटी, लखन यादव, चमन नागर, कवित गुर्जर, मुकेश, मुन्ना आलम, बालेश्वर बाल्मीकि, सुमित अम्बावता, राहुल यादव, ललित यादव, संजय धीरान, बादशाह प्रधान, राजू नम्बरदार, जावेद खान, तनवीर अहमद, रोहित भाटी, यामीन खान, फ़िरोज़ दौला, आदि सैंकडों लोग मौजूद रहे।


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