बडौत में जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण के दौरान खेलों के माध्यम से युवाओं को किया जागरूक

बडौत में जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण के दौरान खेलों के माध्यम से युवाओं को किया जागरूक


बड़़ौत। बड़ौत में भारत सरकार के नेहरू युवा केन्द्र संगठन बागपत के तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण के चौथे दिन वक्ताओं ने किशोरों की जीवन शैली को लेकर विचार रखते हुए उन्हें जागरूक किया। जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण के चौथे दिन सर्वधर्म प्रार्थना के बाद चेतना गीत के माध्यम से प्रशि​क्षिकाओं ने सत्र की शुरूआत की।



इस दौरान प्रतिभागियों को छोटे—छोटे समूह में बांटते हुए जीवन कौशल को विस्तार पूर्वक समझाया। इस दौरान उन्होंने जीवन कौशल को लेकर किशोरों में होने वाले परिवर्तन एवं जिम्मेदारी निर्वाहन को बारिकी से प्रतिभागियों को बताया।



नेहरू युवा केंद्र संगठन बागपत द्वारा बडौत के क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में 3 फ़रवरी से शुरू हुए जीवन कौशल प्रशिक्षण के चौथे दिन प्रतिभागियों को खेलों के माध्यम से एकाग्रता बढ़ाने, टीम भावना के साथ कार्य करने एवं स्वस्थ रहने के लाभ बताये गए। प्रशिक्षण में 10 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के 45 किशोर प्रतिभाग कर रहे है।



प्रशिक्षण शिविर में योग्य प्रशिक्षकों एवं ऑडियो विज़ुअल तकनीक के माधयम से प्रतिभागी किशोरों को किशोरवस्था में आने वाली बिभिन्न प्रकार कि मानसिक एवं शारीरिक बिमारियों कि जागरूकता के साथ-साथ उनसे बचने के उपाय बताये गये। इस बारे में बागपत नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा समन्वयक अरूण कुमार तिवारी ने बताया कि आधुनिक युग में किशोरों के लिए जीवन कौशल प्रशिक्षण बहुत ही महत्वपूर्ण है। और इसी जरुरत को दृश्टिगत रखते हुए नेहरू युवा केन्द्र द्वारा राष्ट्रीय युवा एवं किशोर विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।


प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षिका गीता शर्मा व कीर्ति यादव ने प्रतिभागी किशोरों को एक सजग एवं समृद्ध राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक होने के साथ—साथ अपने जीवन में निराशावादी सोच का परित्याग कर आशावादी सोच को अपनाने, तनाव मुक्त रहने, सामाजिक जागरूकता फ़ैलाने व एचआईवी एड्स एवं लैगिंग संचरित रोगों के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से बताते हुए जागरूक किया। उन्होंने इन घातक बीमारियो के बारे में बताया की यह सब बीमारी किन—किन कारणों से होती हैं। जिसमें उन्होंने बताया कि एड्स में मानव अपने प्राकृतिक प्रतिरक्षण क्षमता अर्थात रोगों से लडने की क्षमता खो देता है।


एड्स से पीड़ित मानव शरीर संक्रामक बीमारियों, जो कि जीवाणु और विषाणु आदि से होती हैं, के प्रति अपनी प्राकृतिक प्रतिरोधी शक्ति खो बैठता है। साथ ही नशे का दुष्प्रभाव एवं उनसे बचने के उपाय, व्यक्तित्व विकास एवं लक्ष्यों का निर्धारण कर उनको प्राप्त करने के लिए किये जाने वाले प्रयास आदि विषयों पर प्रशिक्षिकाओं द्वारा सम्बोधन एवं समूह क्रिया कलाप द्वारा जानकारी दी गई। वहीं नेहरू युवा केन्द्र बागपत की लेखाकार आंचल श्योराण ने संतुलित आहार के बारे में बताते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों से पोषक तत्वों को लेने की एक प्रक्रिया है।


न्यूट्रिशन शरीर को विकसित, मरम्मत और बनाए रखने के लिए जरूरी है। यदि आप हेल्दी फूड के जरिए सही मात्रा में न्यूट्रिशन लेते हैं तो आप अपने शरीर को पूरी तरह से फिट रख पाएंगे। हमारे आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का मिश्रण होना चाहिए जो सही मात्रा में सभी आवश्यक पोषक तत्व या न्यूट्रिएंट्स प्रदान करते हो। इस तरह के आहार को संतुलित आहार कहा जाता है। बतां दें कि प्रशिक्षण जिला युवा समन्वयक अरुण कुमार तिवारी के निर्देशन में चलाया जा रहा है प्रशिक्षण के आयोजन में एनवाईवी आज़ाद तोमर, सुनील एवं नीलम का विशेष सहयोग रहा।


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