मतदान का प्रतिशत कम होना चिंताजनक - डॉक्टर अनिला सिंह

मतदान का प्रतिशत कम होना चिंताजनक - डॉक्टर अनिला सिंह

 


मुरादनगर। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री डॉ० अनिला सिंह का कहना है कि मतदान का प्रतिशत कम होना चिंताजनक है। भारत एक विशाल देश जहाँ आए दिन चुनाव होते ही रहते हैं और आम नागरिक इनसे उदासीन रहते हैं। उन्होंने कहा कि सबके दिल में एक ही प्रश्न होता है हमें क्या लाभ है?

मतदान करने से कोई हानि भी नहीं है। लेकिन राजनीतिक दलों के साथ इस बार प्रशासन ने भी मत‌ प्रतिशत बढ़ाने हेतु अभियान चलाए सरकारी बजट से तो सामाजिक संस्थाएँ भी पीछे नहीं रहीं। तब भी कुछ विशेष आशापूर्ण परिणाम नहीं आए। भाजपा नेत्री ने कहा कि

कुछ का नाम मतदाता सूचि में नहीं था।

कुछ मृतकों के नाम कटे नहीं थे। कुछ मतदाताओं के नाम दो बार थे। कुछ शहर और ग्राम दोनों जगह थे। कुछ युवा दूर नौकरी पर थे। बहुओं की वोट नहीं थी तो बेटियाँ ससुराल चली गयीं। कुछ मतदान केंद्र चार पांच किलोमीटर की दूरी पर रहे और आवागमन के साधनों का अभाव भी कम मतदान के लिए जिम्मेदार है उन्होंने कहा कि। सभी की स्थिति दो सौ तीन सौ खर्च करके मतदान के लिए जाने की नहीं होती।

यही कारण है कि जनप्रतिनिधि भी अब जनता की  उपेक्षा कर रहे हैं उन्होंने प्रश्न किया कि

नेता जीत कर दिलों से नहीं मित्रों दाम से जाएगा तो दमन किसका होगा ? लोकतंत्र का दुनिया में सबसे बड़ा देश और प्रजा ही सो रही हो तो कैसे सुशासन का सपना साकार होगा।

उन्होंने मांग की है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री,‌ जिलापंचायत अध्यक्ष, खंड विकास प्रमुख के चुनाव सीधे जनता द्वारा होने चाहिए। यदि जीता प्रत्याशी काम नहीं करता तो उसे वापस लाने का प्रावधान भी हो। 

उन्होंने कहा कि‌ लोकतंत्र ने शतप्रतिशत तो नही परंतु उनको भी उठने का अवसर दिया जिनको हमारे समाज ने भूलकर भी इंसान समझने की भूल नहीं की। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को जागरूक होकर मतदान बढ़ाना होगा यही लोकतंत्र के लिए सही होगा।

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