अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में अमृत सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से एक संगोष्ठी का हुआ आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में अमृत सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से एक संगोष्ठी का हुआ आयोजन



मोदीनगर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च की पूर्व संध्या पर अमृत सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें बहनों ने निर्दिष्ट विषयों पर विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धनवंतरि के चित्र के समर्रक्ष दीप प्रज्वलित करके पुष्पांजली अर्पित करते हुए  हुआ। महिला का शिक्षित होना, आत्मनिर्भर होना स्वस्थ होना, जीवन में  प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी होना सम्पूर्ण समाज  का सशक्तिकरण है। अधिकारों की चर्चा जितने दमदार शब्दों में हुई उतने ही दमदार शब्दों में पुरुष वर्ग के प्रति कर्तव्यों पर भी हुई। 
समाज की विसंगतियों को दूर करने के लिए परिवार के सभी सदस्यों में संवाद रहे। यही नहीं मित्रवत व्यवहार होने से अभिभावक व बच्चों में भावनात्मक रूप से या अन्य समस्याओं का जन्म ही नहीं होता। 
परिणाम स्वरुप महिला के प्रति किसी भी प्रकार  का शोषण व हिंसा  की घटनाएं  नहीं  होती।
हमने महान  पुरुषों  को नमन् किया व स्मरण किया जिन्होंने सती प्रथा, बहुविवाह, बालविवाह, अंधविश्वास, कुरीतियों, अशिक्षा के खिलाफ अभियान चलाए और कानून बनवाए।
राजाराम मोहन राय, महर्षि दयानन्द सरस्वती, डाक्टर भीमराव अम्बेडकर, ज्योति बा फूले आदि के महिला उत्थान पर किए कार्यों ने ही महिला को मनुष्य समझा गया। प्रमुख रूप से उद्बोधन ममता दहिया, अलका वशिष्ठ, अम्बुजलता माहेश्वरी, बीना कंसल,सविता, ममता शर्मा, उमा शर्मा, पूजा, सुशीला, शैफाली, हरभजन सिंह, लक्ष्मी शर्मा, बबिता शर्मा, बृजेश कर्दम,आदि का रहा। संचालन डाक्टर अनिला सिंह आर्य का रहा तथा रानी उप्पल ने गीत गाया और गरिमा मयी उपस्थिति  दीपा वर्मा, रुचि गुप्ता, ज्योति गुप्ता,कुसुम, रीतु,अनिल कुमार वर्मा जी, पारितोष बारमौला, पुष्पा, जीत सिंह, राजेश, श्रुति,  अनीता, प्रीति चौधरी आदि के साथ हमारी जागरूक एवं सक्रिय पत्रकार बहनें रिहाना पंवार और वंदनाा जोशी रही।
इस जीवन और जगत को समृद्ध बनाने में  हम सभी मिलकर साझा प्रयास करें और प्राणी मात्र का सर्वांगीण  विकास  करें इसी संदेश और भावों के साथ सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम समाप्त हुआ। रूचि गुप्ता ने आयोजिका को अति स्नेहपूर्वक शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।


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