लोक डाउन के दौरान गरीबों को मुहैया कराई जाएगी खाने की रसोई सामग्री - आशु मलिक

लोक डाउन के दौरान गरीबों को मुहैया कराई जाएगी खाने की रसोई सामग्री - आशु मलिक



मुरादनगर। लॉक डाउन के दौरान किसी को भी खाने पीने की वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। उसके लिए जो भी कदम उठाने पड़े वह उठाए जाएंगे। क्योंकि लोगों के जीवन से महत्वपूर्ण हमारे लिए कुछ भी नहीं है। यह बातें समाजवादी पार्टी से विधान परिषद सदस्य व पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री आशु मलिक ने एक मुलाकात के दौरान कहते हुए बताया कि कुछ स्थानों पर खाने पीने की वस्तुओं की किल्लत सामने आई थी। वहां रसोई के सामान की किट जिसमें आटा, दाल, चीनी, चावल, नमक, तेल व मसाले मंगाकर उनकी किट बनवा कर प्रशासन की मदद से वहां के लोगों को भिजवाई गई हैं। 
 उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना जैसी भयंकर बीमारी का फैलना बंद नहीं होगा तब तक फिलहाल लॉक डाउन ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। लॉक डाउन में सबसे ज्यादा प्रभावित वह लोग होंगे जो रिक्शा चालक, बेलदारी चिनाई, असंगठित क्षेत्र के मजदूर गरीब व किसान होंगे। इसलिए यह तय किया गया है कि लॉक डाउन होने तक कोई भूखा  रहे इसके लिए प्रशासन से वार्ता कर वह प्रयास कर रहे हैं कि भूखे लोगों को फ्री खाना उपलब्ध कराया जा सके।
आशु मलिक ने बताया कि सब कार्य निधि के ऊपर ही नहीं छोड़ने चाहिए। इसलिए कुछ कार्यों को खुद ही अपने स्तर से कराना चाहिए। विधान परिषद सदस्य ने बताया कि ऐसा इंतजाम किया जा रहा है कि सैनिटाइजर किए। स्थान पर साफ बर्तनों में खाना तैयार करा कर गरीब लोगों को निशुल्क दिया जाए।  प्राणघातक बीमारी के कारण लॉक डाउन किया गया है और जनहित को देखते हुए हमारा भी कर्तव्य है कि हम सरकार के दिशा निर्देशों को मानते हुए एक स्थान पर ज्यादा लोगों को भोजन भी नहीं रह सकते। इसके लिए विचार विमर्श किया जा रहा है कि भूखों को खाना मिल जाए। लोगों को घर में रहकर बीमारी से बचना हो जाए। ऐसी आप की स्थिति में सबसे पहला कर्तव्य मानवता है। जाति, धर्म, पार्टी यह हमारे कार्य करने के साधन हो सकते हैं लेकिन मानवता के लिए यह साध्य नहीं है। इसलिए सभी लोगों को इस आपात घड़ी में लॉक डाउन की स्थिति से जिन लोगों को रोजी रोटी बंद हो गई है उन्हें भोजन अवश्य कराना सुनिश्चित करें।
मलिक ने बताया कि भोजन उपलब्ध कराने के लिए सभी सामानों की व्यवस्था कर ली गई है।  जल्द ही लोगों को किस तरह से सरकार के दिशा निर्देश पालन करते हुए भोजन पहुंचाया जा सकता है, उसके बारे में तय करना बाकी है। उसके लिए पुलिस व प्रशासन से भी सहायता की आवश्यकता पड़ी तो ली जाएगी।  उन्होंने कहा कि किसी के पास भी अभी तक इस बीमारी का कोई टीका तैयार नहीं हो सका है। सिर्फ बचाव कर ही इस कहर से बचा जा सकता है। इसलिए जिस भी हालत में जहां भी हो लोग वहीं रहे। यदि खाने-पीने आवश्यक वस्तुओं की आवश्यकता है तो किसी भी तरह से संबंधित अधिकारियों तक खबर पहुंचानी चाहिए।
ऐसे में अधिकारी भी लोगों के कार्यों के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के या आसपास के लोग ऐसी किसी परेशानी में हैं तो वह उनके यहां पर भी फोन कर अपनी समस्या नोट करा सकते हैं। जिस पर तुरंत कार्य और उसका समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। मलिक ने कहा कि हमारे देश कि यह खूबी है कि कितनी भी विचार भिन्नता लोगों में हो लेकिन आवश्यकता पड़ने पर आपातकाल में सब एक ही लाइन में खड़े दिखते हैं। वह लाइन होती है जनता की भलाई करने की।


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