लॉक डाउन के साथ-साथ सरकार को गरीबों के लिए भी कुछ कदम उठाने पड़ेंगे, जिससे गरीब लोग भूखे ना मरे -  असलम खान
लॉक डाउन के साथ-साथ सरकार को गरीबों के लिए भी कुछ कदम उठाने पड़ेंगे, जिससे गरीब लोग भूखे ना मरे -  असलम खान

 


 

मुरादनगर। कोरोना जैसी जानलेवा गंभीर बीमारी से निपटने के लिए सरकार विभिन्न कदम उठा रही है वहीं लॉक डाउन भी शामिल है। सरकार जनता की भलाई के लिए जो भी कदम उठा रही है वह अभी नाकाफी है। लॉक डाउन की वजह से दिहाड़ी मजदूर जो सुबह से शाम तक रोज काम कर परिवार का लालन पालन कर रहा है। ऐसे लोगों को सरकार की ओर से उनके घरों में ही सहायता मुहैया कराई जाए।

यह बातें पश्चिमी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव असलम खान ने जिलाधिकारी को एक पत्र भेजकर लोगों को होने वाली परेशानियों से अवगत कराते हुए कही। उन्हें सरकार द्वारा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

असलम ने कहा कि सर्वप्रथम अपना देश शहर समाज को सुरक्षित रखना है। उसके लिए सरकार कुछ कड़े कदम भी उठा रही है। लोगों को बीमारियों से बचा उनकी जान बचाने के लिए जो भी प्रयास हो किए जाने चाहिए और लोगों को भी सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले दिशानिर्देशों को मानना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुरादनगर जैसे क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जो रोज काम करके घर के लिए रोजी रोटी का प्रबंध करते हैं। लेकिन लॉक डाउन के कारण उन लोगों का काम बंद हो जाने से उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। ऐसे में लंबे समय तक सहायता ना मिल पाने पर उन लोगों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सरकार के प्रयासों को कोई नकार नहीं रहा। लेकिन दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूर वर्ग के लोग मंदी के कारण पहले ही काम ना होने की वजह से परेशान थे लेकिन अब सरकार के लॉक डाउन से परिवार भूखे सोने को भी मजबूर हैं। ऐसे में जल्द से जल्द लोगों को राहत व बचाओ नहीं मिल पाए तो उनके सामने भूखों मरने की स्थिति आ जाएगी। ऐसे में वह लोग क्या करेंगे या तो सरकार का लॉक डाउन तोड़कर सड़कों पर रोजी रोटी के इंतजाम में निकलेंगे या फिर भूखे ही प्राण त्याग देंगे। सरकार ऐसे काम करें कि बीमारी पर भी रोकथाम लग सके और देशवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़े।

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