नगर पालिका परिषद में नेत्री सहित 5 भाजपाई सभासद मनोनीत हुए

नगर पालिका परिषद में नेत्री सहित 5 भाजपाई सभासद मनोनीत हुए

 


 

मुरादनगर। नगर पालिका परिषद में नेत्री सहित 5 भाजपाई सभासद मनोनीत हुए। नामित सभासदों की सूची जारी होते ही जहां नामित किए गए भाजपाई गदगद दिखलाई दिए वहीं उनके समर्थक भी जोश खरोश से लबरेज दिख रहे हैं। कुछ समर्थक तो यह तक कह रहे हैं कि सरकार ने देरी से ही सही उचित कदम उठाया है।

समाज के विभिन्न वर्गों से पांच सभासद मनोनीत हुए हैं। इससे जहां जातीय समीकरण साधने के प्रयास बताए जा रहे हैं। वहीं भाजपा के प्रति कर्मठता को कारण बताकर सभासद मनोनीत कर भाजपा ने यह भी साफ़ कर दिया है कि सेवा का फल भाजपा में मीठा ही होता है।

नामित किए सभासद भाजपा की पृष्ठभूमि के हैं और अभी तक किसी ना किसी रूप से पार्टी को अपनी सेवाएं दे रहे थे। पांच नामित सभासदों के आने से नगर पालिका बोर्ड में भी भाजपा का दबदबा हो गया है। नामित पांच सभासदों के नामों की घोषणा होते ही जहां मनोनीत सभासदों के समर्थकों में खुशी की लहर है। वहीं कुछ लोगों के अरमानों पर पानी भी फिरा है। जिन्हें अभी तक विभिन्न स्तरों से मनोनीत  कराने के आश्वासन मिलते आ रहे थे। मनोनीत सभासदों की सूची आते ही उन पर कुठाराघात सा हो गया है।

 


ज्ञानेंद्र सिंघल

 

सरकार द्वारा मुरादनगर पालिका परिषद में मनोनीत सभासदों में ज्ञानेंद्र सिंघल जो पूर्व में भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं और अब संयुक्त व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हैं, काफी समय से पार्टी के लिए कार्य करते आ रहे हैं।

 


संजीव त्यागी

 

संजीव त्यागी को भी नगर पालिका परिषद में सभासद मनोनीत किया गया है। संजीव त्यागी भाजपा में महानगर मंत्री के पद पर काफी समय से कार्य कर रहे हैं। गीता चौधरी को भी सभासद मनोनीत किया गया है। वह भी काफी समय से पार्टी में महिलाओं को जोड़ने का कार्य कर रही थी। जिनको फिलहाल में भाजपा महानगर में जिला प्रतिनिधि मनोनीत किया गया था।


गीता चौधरी

 

गीता चौधरी भी काफी समय से भाजपा में सक्रियता की भूमिका निभा रही हैं मनोज शर्मा को भी सभासद मनोनीत किया गया है। मनोज शर्मा काफी पुराने भाजपा कार्यकर्ता हैं।

 


 विजयपाल

 

इसके अलावा विजयपाल हितकारी को भी सभासद मनोनीत किया गया है। वह पूर्व में भी सभासद रह चुके हैं। वह भी पार्टी के लिए काफी समय से कार्य कर रहे थे।

 


मनोज शर्मा

 

सभासदों के मनोनीत होने पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। उनके यहां बधाई देने वालों की लाइन लगी हुई है। वहीं जिन लोगों के अरमान नेताओं की गोलियों में बह गए। वह अब अपने आकाओं से जवाब तलब तक करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि बोर्ड में मनोनीत किए गए पांचो सभासद लंबे समय से समाज के बीच में रहकर कार्य कर रहे थे और पार्टी का जनाधार भी बटोर रहे थे। इसके अलावा मनोनयन में जातिगत आंकड़ों को भी ध्यान में रखा गया है।


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