छात्र-छात्राएं व अभिभावक विशेष सावधानी बरतें - यतेश्वर त्यागी
छात्र-छात्राएं व अभिभावक विशेष सावधानी बरतें - यतेश्वर त्यागी

 


 प्रधानाचार्य यतेश्वर त्यागी

 

मुरादनगर। गवर्नमेंट आयुध निर्माणी कॉलेज के प्रधानाचार्य यतेश्वर त्यागी ने कहा है कि छात्र-छात्राएं अभिभावक विशेष सावधानी बरतें। क्योंकि इस समय संपूर्ण भारत एक भयंकर महामारी से जूझ रहा है जिसका नाम है कोविड-19 कोरोनावायरस है। इस वायरस की अभी कोई वैक्सीन नहीं है। अतः इसको समाप्त करने का एक ही तरीका है जिसे लॉक डाउन कहते हैं। लॉक डाउन का अर्थ है कि आप अपने घरों में ही रहे घरों से बाहर ना निकले। क्योंकि यह वायरस एक आदमी से आदमी के आसानी से स्थानांतरित हो जाता है। अतः व्यक्ति इस वायरस का वाहक है तथा यह वायरस संक्रमित व्यक्ति द्वारा 3 फीट की दूरी से दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति को संक्रमित कर देता है।

प्रधानाचार्य ने कहा कि इसीलिए हम सब को अपने घरों में रहना अति आवश्यक हो गया है ताकि संक्रमण समाज में ना फैले। इसका उत्तर दायित्व हम सबका है। उन्होंने आह्वान किया कि हम यह दृढ़ निश्चय कर ले कि हम घर से बाहर नहीं निकलेंगे तो निश्चित ही यह महामारी समाप्त हो जाएगी। अन्यथा यह भयंकर रूप ले सकती है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल तक देश को लॉक डाउन इसलिए ही किया है कि हमारे भारतवर्ष पूर्ण रूप महामारी से निजात मिल जाए। 

उन्होंने कहा कि मुझे बड़ा खेद होता है छोटे-छोटे बच्चे बाहर सड़कों पर खेलते रहते हैं। युवा बाहर घूमते दिखाई देते हैं और बुद्धिजीवी सड़कों पर सुबह-शाम भ्रमण करने नजर आते हैं जोकि इस समय सभी के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने सभी प्रबुद्धजीवियों, युवाओं, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील कि ऐसे माहौल में जो समझदार हैं आप अपने घरों में ही भ्रमण करें, योग करें औरों को भी बाहर निकलने पर उन्हें समझाएं। अभिभावकों से विशेष अपील है कि अपने बालकों को घर से बाहर ना जाने दे। उनका ध्यान रखा जाए जिससे आपका व देश का भविष्य सुरक्षित रह सके। प्रधानाचार्य ने कहा कि कहावत है कि जान है तो जहान है इसलिए खुद को बचाएं और दूसरों का भी ध्यान रखें। 

 

कोरोनावायरस कोविड-19 के लक्षण 

सर दर्द, सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, छींक, बुखार खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत अस्पताल में दिखाएं।

 

निवारण  

हैंड वाश, साबुन से हर 2 घंटे बाद 20 मिनट तक हाथ अच्छी तरह धोएं।

बुखार और खांसी से पीड़ित मरीजों के संपर्क से बच्चे।

आंख, नाक या मुंह को बचाते हुए सामाजिक दूरी बनाकर रखें।

बस अपने घर पर ही रहे।

शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले तत्वों को भोजन में शामिल रखें- जैसे नींबू, संतरा इत्यादि।

यदि कोई व्यक्ति जरूरतमंद हो तो उसकी मदद करें।

भोजन वितरण करते समय भी सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाए।

सार्वजनिक स्थानों पर न थूके, डॉक्टर की सलाह के बिना दवा नहीं ले।

भयभीत ना हो हम दूसरों को भी भयभीत ना करें। 

उन्होंने कहा कि अफवाह से बचें एवं दूसरों को भी जागरूक करें। घर में रहें स्वस्थ रहें।

आयुध निर्माणी क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य ने बताया कि फिलहाल  लॉक डाउन के कारण स्कूल बंद चल रहे हैं।  स्थिति सामान्य होने पर स्कूल खुलने पर छात्र छात्राओं को ऐसे माहौल से निबटने के लिए विशेष प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

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