जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आए लोग - असलम खान 
जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आए लोग - असलम खान 

 


 

मुरादनगर। कोरोना महामारी जैसी विपदा इस समय इंसान इंसान की मदद करें। इससे बड़ी कोई इबादत नहीं हो सकती। हर धर्म कहता है कि भूखे को खाना प्यासे को पानी देना सबसे बड़ा शबाब का काम है और मुसलमानों के लिए रोजों के पवित्र माह में दूसरे की सहायता करना सबसे बड़ा फर्ज बताया गया है। यह बातें राष्ट्रीय लोक दल के वरिष्ठ नेता असलम खान ने यहां जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते समय कही। लॉक डाउन के चलते बहुत से ऐसे मजदूरों यहां फंस गए हैं जो बाहर से मजदूरी करने आए थे। साथ ही ऐसे भी बहुत लोग हैं जो दैनिक मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। उनके सामने इस समय रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। 

सामाजिक राजनीतिक संगठन आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं जिनके सामने खाद्यान्न में का भी संकट खड़ा हो गया है।

असलम खान ने यहां जलालपुर कस्बा रोड़ पर स्थित अनम गार्डन में ऐसे लोगों की सहायता के लिए खाद्य सामग्री व आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करा रहे हैं। इस बारे में असलम खान ने बताया कि वह बंदी के बाद से अभी तक 1000 से ज्यादा परिवारों को राशन किट उपलब्ध करा चुके हैं और प्रयास है कि जब तक सरकार के दिशा निर्देश मिलने तक लॉक डाउन की समाप्ति तक लोगों की कुछ आवश्यकताएं पूरी कर सकें।

नगरीय क्षेत्र में बहुत से सामाजिक राजनीतिक संगठन लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन अभी और मदद की आवश्यकता है। यह अपील करते हुए असलम खान ने कहा कि जिनके पास नहीं है वह धैर्य रखें। उन्हें मदद अवश्य मिलेगी और जो देने की स्थिति में वह मदद करने के लिए आगे आएं। ऐसे विपदा  काल में लोगों की मदद करना भी अपने आप में बड़ा शबाब का काम है। उन्होंने बताया कि पार्टी के मुखिया चौधरी अजीत सिंह व जयंत चौधरी ने भी आपदा पीड़ितों की मदद करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से भी प्रभावित लोगों की सहायता करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता किसान ट्रस्ट के माध्यम से भी अपनी मदद भेज सकते हैं जिसकी पूरी जानकारी पार्टी स्तर पर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि चौधरी अजीत सिंह व जयंत चौधरी इस आपदा के समय क्षेत्र के लोगों से फोन आदि के द्वारा संपर्क साध उनकी कुशलक्षेम पूछ रहे हैं और आवश्यकता होने पर कार्यकर्ताओं को संबंधित क्षेत्रों में मदद के लिए भी भेजा जा रहा है।

 

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