लॉक डाउन के कारण वकालत से जुड़े लोग भी आर्थिक रूप से वे प्रभावित - विजय गौड़
लॉक डाउन के कारण वकालत से जुड़े लोग भी आर्थिक रूप से वे प्रभावित - विजय गौड़

 


 

मुरादनगर। वकील का कोई अन्य कारोबार नहीं होता। लॉक डाउन के कारण वकालत से जुड़े लोग भी आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं। न्यायालय में सुनवाई ने होने के कारण कैदियों की संख्या जेलों में कई गुना हो गई है। यह कहना है बार एसोसिएशन गाजियाबाद के सचिव विजय गौड़ का उन्होंने बताया कि इस बारे में न्यायालय को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए अर्जेंट कार्यों की सुनवाई सुचारू कराने का अनुरोध किया गया है।

गौड़ ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है और किसी हद तक हमारी सरकार सफल भी रही है। अन्य देशों के मुकाबले हमारे देश में बीमारी उतनी हानि नहीं कर सकी जितनी अन्य देशों में हो गई। सरकार द्वारा लागू किए गए लॉक डाउन से न्यायालय के कार्य भी प्रभावित हैं।  तालाबंदी के कुछ दिनों बाद से विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किए गए लोग सुनवाई के अभाव में जेल चले गए। जिसके कारण जेलों में विचाराधीन कैदियों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। जिसके चलते बार एसोसिएशन ने सुनवाई किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वकील भी आम लोगों की तरह इस आपदा में प्रभावित हैं। आर्थिक हानि भी हुई है अभी तक सरकार की तरफ से भी वकीलों के लिए कोई सहायता का प्रस्ताव नहीं है। गौड़ ने कहा कि इस बारे में विचार किया जा रहा है कि सरकार से मांग की जाए बंदी के दौरान वकीलों को भी आर्थिक सहायता दी जाए। क्योंकि आज भी बहुत से ऐसे अधिवक्ता हैं वह ईमानदारी से कार्य कर रोज कमाते खाते हैं। ऐसे लोगों के बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए।

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