सरकार व्यापारियों को भी दे राहत - मुनेश जिंदल

सरकार व्यापारियों को भी दे राहत - मुनेश जिंदल

 


 

मुरादनगर। 14 अप्रैल तक सरकार ने कोरोना के कहर को देखते हुए लॉक डाउन किया है। देशवासी सरकार के दिशानिर्देशों को मान रहे हैं व्यापारी भी देश का एक अहम हिस्सा। यह बातें समाजसेवी व मानव अधिकार एसोसिएशन के मुनेश जिंदल ने कहते हुए कहा कि व्यापारी पूरी तरह से सरकार के साथ है। हर संभव लोगों की मदद सबसे ज्यादा व्यापारी ही कर रहे हैं लेकिन सरकार ने व्यापारियों के लिए कोई राहत नहीं दी है। जिंदल ने कहा कि व्यापारी जानना चाहते हैं कि सरकार उनके लिए क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस व्यापारी वर्ग से  सरकार त्याग चाहती हैं, उन्हें सहयोग की क्या योजना है?

बंदी की घोषणा के बाद से ही व्यापार ठप हैं। वेतन, बिजली, बिल, टैक्स, बैंक का ब्याज, जीएस टी, प्रोविडेंट फंड, संपत्ति कर सब की देनदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लेकिन फिर भी सरकार ने व्यापारियों के लिए कोई राहत नहीं दी है।

उन्होंने मांग की कि सभी औद्योगिक कमर्शियल बिजली बिल अगले 3 महीने के लिए आधे कर दिये जाएँ।

- अगले 12 महीने तक जीएसटी का 50% कंपनी अपने पास ही रखे। अगले 6 महीने तक ब्याज न देने की छूट दी जाय।

– सभी बैंकों और (गैर बैंकिंग वित्तीय निगम) को दी जाने वाली मासिक किश्त अगले 6 महीने के लिए स्थगित की जाए। विलम्ब पर किसी प्रकार का चार्ज न लगाया जाय।

– अगले 6 महीने तक कर्मचारियों का (भविष्य निधि) कम्पनी नहीं, सरकार वहन करे।

- अगले 6 महीने तक कर्मचारियों का (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) का हिस्सा कम्पनी नहीं, सरकार वहन करे।

- वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए सभी व्यापारिक संपत्तियों पर संपत्ति कर आधा कर दिया जाए। जिंदल ने कहा कि व्यापारी हमेशा सरकार के साथ रहता है। सरकार का भी कर्तव्य बनता है कि वह व्यापारियों के बारे में भी सोचे।

 

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