अधिवक्ताओं को मिले सहायता - विजय गौड़
अधिवक्ताओं को मिले सहायता - विजय गौड़

 


 

मुरादनगर। कोरोना महामारी से प्रभावित हुए बिना समाज का कोई भी वर्ग नहीं बचा है।वकीलों को भी इस आपदा ने आर्थिक कंगाली की हालत में पहुंचा दिया है। बार एसोसिएशन गाजियाबाद के सचिव विजय गौड़ ने बताया कि लॉक डाउन के कारण लंबे समय से न्यायालय में कार्य नहीं हो पा रहा। देश में हालात कर्फ्यू जैसे हैं। जिसके कारण तहसील मुख्यालयों पर व्यापार कर लेबर कोर्ट इनकम टैक्स तथा अन्य ट्रिब्यूनल में विधि व्यवसाय रथ अधिवक्ता तथा उनके कर्मचारी काफी कठिनाई में पहुंच गए हैं। लॉक डाउन के कारण उनकी आय समाप्त हो गई है। लेकिन सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए कोई सहायता नहीं दी इस बारे में उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याणकारी ट्रस्ट कमेटी को पत्र लिखकर अधिवक्ताओं को सहायता देने की मांग की गई है। गौड ने बताया कि जो अधिवक्ता बार काउंसिल से पंजीकृत हो और नियमित रूप से विधि व्यवसाय रत है। उनके लिए सामूहिक खंड बनाया जाए फंड एकत्र करने के लिए जिला न्यायालय में प्रति वकालतनामा सो रुपए उच्च न्यायालय ₹200 तथा सीनियर डेजिग्नेटिड अधिवक्ताओं से ₹500 की धनराशि प्रति मामले में एकत्र की जाए।

उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष कम से कम 10 वकालतनामा दाखिल करने वाले अधिवक्ताओं को ₹2000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाए तथा समय-समय पर उसमें वृद्धि भी की जानी चाहिए। अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए समिति में बार एसोसिएशन गाजियाबाद तहसील तथा टैक्स बार अध्यक्ष व सचिव को कार्यकारिणी में प्रधान सदस्य बनाया जाए। साथ ही अधिवक्ताओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति सुनिश्चित करने के लिए ₹5000000 का बीमा प्रत्येक अधिवक्ता का कराया जाए।  गौड़ ने बताया कि अधिवक्ताओं की मांग व स्थिति को देखते हुए यह मांग पत्र भेजा गया है। 

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