कविता - मजदूर कौन होता है


 इशरत रिजवी 


मजदूर कौन होता है
क्या मजबूर ही मजदूर होता है?
सिर्फ मजबूर होता गर मजदूर तो


मास्जिद मंदिर य़ा चौराहे पे 


भीख मांगता मजदूर


मजदूर गरीब होता है इसलिये 


मजदूर  होता है 


सिर्फ़ गरीब होता तो चोरी बे ईमानी 
से पैसा बना लेता मजदूर 
मगर मजदूर वो होता है जो खुद्दार  
होता है ज़िम्मेदार होता है।


 ईमान दार होता है मेहनती होता हैँ 


वफादार होता है 
इसलिये मजदूरी करता हूँ 
और मजदूर  कहलाता हूँ 
मेरी मेहनत की कीमत अगर दी गयी होती 
तो आज अम्बानी और अडानी
इतने मगरूर नहीं होते 
  
इशरत रिज़वी


 


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