कोरोनावायरस में लोगों के लिए अनिल त्यागी प्रधान मसीहा बनकर उभरे

कोरोनावायरस में लोगों के लिए अनिल त्यागी प्रधान मसीहा बनकर उभरे

 


 

मुरादनगर। कोरोना की विपदा लोगों के संकट का कारण बन गई है। लॉक डाउन के चलते जो जहां है वहीं थम सा गया है। वहीं इस तालाबंदी के दूसरे सकारात्मक पहलू भी सामने आ रहे हैं। क्षेत्र के गांव खरजीवनपुर खिमावती के प्रधान अनिल त्यागी को तालाबंदी ने गांव की समस्याओं गांव वासियों से नजदीक से समझने का मौका मिला है। गांव में कौन-कौन से काम हो गए हैं ? क्या-क्या काम और प्राथमिकता से कराए जाने हैं, उसकी योजना भी बना रहे हैं और साथ ही लोगों को जागरूक भी कर प्रधान होने का कर्तव्य भी निभा रहे हैं।

खिमावती प्रधान अनिल त्यागी व्यापारिक कारणों से कुछ वर्षों पहले मुरादनगर ही आकर रहने लगे थे। उस दौरान उनकी पत्नी सुनीता चौधरी यहां पालिका की सभासद भी रही। पंचायत चुनाव में अनिल त्यागी ने भी गांव के सामने उन्हें एक काम करने का मौका देने का अनुरोध कर प्रधानी के चुनाव में चुनाव जीत गए। प्रधान बनने के बाद से डबल जिम्मेदारी आ गई। व्यापार के लिए मुरादनगर गाजियाबाद और प्रधान के कार्य करने के लिए गांव में भी बड़ा टाइम देना पड़ता था लेकिन भाग दौड़ में कुछ कार्य अनदेखे भी रह गए। कोरोना के कारण किए गए लॉक डाउन में प्रधान अनिल त्यागी ने अपने गांव को प्राथमिकता देते हुए गांव वालों के बीच में ही रहने का फैसला किया और लॉक डाउन के दौरान गांव में ही रुके। उन्होंने बताया कि इस दौरान लोगों की समस्याओं से रूबरू होने बाकी कुछ कार्यों के बारे में भी गांव में रहकर जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे कि  तालाबंदी के बाद उन कार्यों को प्राथमिकता से कराया जाए। उन्होंने बताया कि गांव में करीब 1000 परिवार हैं 185 परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे वाले राशन कार्ड बनवाए गए हैं।  वृद्धावस्था, विधवा व अन्य मिलने वाली सहायता भी लोगों को दिलवाई गई हैं। अभी तक गांव में तालाबंदी के कारण ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि कोई परिवार भूखा सो रहा  हो। पात्र सभी परिवारों को सरकारी सहायता भी मिल रही है। जिन्हें आवश्यकता है उन्हें अन्य स्तोत्र से भी मदद की जा रही है। त्यागी ने बताया कि गांव में बहुत कार्य कराए गए हैं। गांव में खेल का मैदान नहीं था। वह प्रयास कर बनवाया गया है। इसके अलावा प्रयास है कि इस आपदा से निकलने के बाद गांव में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए पानी की टंकी व लाइने उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस समय स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए अपने आसपास के लोगों व उस क्षेत्र को जाने वहां की समस्याओं को समझ कर उठाएं।

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