बीड़ी, सिगरेट व माचिस भी कर सकते हैं कोरोना संक्रमित 

बीड़ी, सिगरेट व माचिस भी कर सकते हैं कोरोना संक्रमित 



मुरादनगर। सावधान रहें जिसके प्रति कोरोना की रोकथाम के लिए अनेकों कदम उठाए हैं लेकिन कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनकी और कभी किसी ने ध्यान देने की कोशिश नहीं की। बीड़ी, माचिस, सिगरेट और लाइटर का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। कोरोना में रोग से बचाव के लिए दूसरे से हाथ मिलाना भी मना है लेकिन शहरी क्षेत्र हों या ग्रामीण इनमें बीड़ी सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले एक दूसरे के बीड़ी सिगरेट माचिस लाइटर इस्तेमाल करते हैं। 


गांव की परंपरा रही है हुक्का और पानी अतिथि को सर्वप्रथम दिए जाते थे। कुछ जगह हुक्का अभी चल रहा है जिसे कई लोग एक समय में हाथों से पकड़कर पीते हैं। जहां हुक्का नहीं हैं वहां बीड़ी सिगरेट का इस्तेमाल होता है। यह आम है कि एक धूम्रपान करने वाला दूसरे धूम्रपान करने वाले को बीड़ी सिगरेट पेश करता है। ऐसा हजारों की संख्या में लोग करते हैं। कभी किसी से माचिस मांग लेते हैं कभी बीड़ी या सिगरेट। इससे लेने और देने वाले दोनों ही संक्रमित हो सकते हैं और धूम्रपान के समय मास्क वाली सावधानी भी धुएं उड़ जाती है। कोरोना की रोकथाम के लिए जहां बार-बार हाथों को साथ करने के निर्देश हैं वहीं बीड़ी सिगरेट के बहाने हजारों लोगों के रोज हाथ मिलते हैं। सरकार ऐसे मामलों में बड़ी कार्रवाई करने में अक्षम होती है क्योंकि यह समाज का एक अंग बन चुका है। धूम्रपान से कितने लोग होते हैं इसके बारे में सभी जानते हैं लेकिन फिर भी उनका इस्तेमाल करते हैं लेकिन कोरोना काल में बीड़ी माचिस कोरोना बीमारी का संक्रमण और न बढ़ा दे इसके लिए समाज के लोगों को पहल कर जागरूकता करनी होगी। 



इस बारे में वरिष्ठ डॉक्टर राधेश्याम दहिया का कहना है कि कोरोना बचाव रोकथाम है। धूम्रपान नुकसान देह है और कोरोना वायरस सिगरेट बीड़ी माचिस लाइटर द्वारा भी फैल सकता है। इसलिए इस मामले में जो लोग धूम्रपान नहीं छोड़ सकते वह एक दूसरे से ले देकर धूम्रपान न करें। 



वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता भूदेव त्यागी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी हुक्का चल रहा है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। 


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