जनपद न्यायालय में सावधानी के साथ कार्य सुचारू चलेगा... विजय गौड़

जनपद न्यायालय में सावधानी के साथ कार्य सुचारू चलेगा... विजय गौड़



मुरादनगर। सादर निवेदन है कि माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश दिनांक 03. 06. 2020 के अनुपालन में जनपद न्यायालय में स्थित सभी न्यायालय चारों रूप से कार्य करने हेतु खोले जाने का निर्देश दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु जो गाइडलाइन जिला न्यायालय एवं अधिवक्ता चेंबर परिसर हेतु जारी की गई हैं, उसका अनुपालन कराए जाने हेतु जिलाधिकारी गाजियाबाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजियाबाद व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद तथा नगर निगम गाजियाबाद के अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। बार एसोसिएशन गाजियाबाद के सचिव एडवोकेट विजय गौड़ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रशासन के जरिए अधिवक्ता चेंबर परिसर में निम्न सुविधाओं को नियमित रूप से सुचारू की जाएं। 


अधिवक्ता चेंबर परिसर में प्रत्येक कार्य दिवस में दो बार सैनिटाइजेशन कराया जाए। 


अधिवक्ता चेंबर परिसर में स्वच्छ जल पीने हेतु वह हाथ धोने हेतु जल निगम गाजियाबाद से व्यवस्था कराई जाए।


अधिवक्ता चेंबर परिसर में साफ-सफाई व शौचालयों की साफ सफाई की व्यवस्था नगर निगम गाजियाबाद के जरिए प्रत्येक कार्य दिवस में कराई जाए।


अधिवक्ता चेंबर परिसर में न्यायालय के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग व हेंड सैनिटाइजेशन कम से कम 6 प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ द्वारा कराई जाए।


अधिवक्ता चेंबर परिसर की और सुरक्षा व्यवस्था पुलिस प्रशासन की ओर से सुनिश्चित कराई जाए। 


 


उन्होंने बताया कि जनपद न्यायालय, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश दिनांक 3 जून 2020 के अनुपालन में जनपद गाजियाबाद में सभी न्यायालयों में कार्य सुचारू रूप से चलेगा। जिसमें भारत सरकार का उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु दिए गए निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य है। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दिनांक 30.05.2020 में एक पत्र सभी संबंधित जिला जजों को जारी किया था जिसमें वरीयता के आधार पर बिजली चोरी से संबंधित वाद जिनमें पुलिस बिजली विभाग की रिपोर्ट न्यायालय में आ चुकी है तथा वार्ड कारी अपने वार्ड को कंपाउंडिंग करना चाहता है, ऐसे वाद निस्तारित किए जाएंगे तथा लोक डाउन के दौरान धारा 188 आईपीसी के वादों का निस्तारण किया जाएगा और साथ ही साथ मोटर व्हीकल एक्ट से संबंधित वादों की सुनवाई की जाएगी तथा संक्षिप्त विचारण के बाद जो जुर्माने से संबंधित है उनका निस्तारण किया जाएगा। 


द्वितीय चरण में जून में फौजदारी के वह मुकदमे जिनमें लोग टाइम से पूर्व बहस हो चुकी थी उनका निस्तारण किया जाएगा तथा दीवानी व फौजदारी के बाद जो अंतिम स्तर पर जुलाई व अगस्त में त्वरित आधार पर निस्तारित किए जाएंगे। 


दिनांक 08.06. 2020 से फौजदारी के समस्त वार्ड व परिवाद धारा 125 सीआरपीसी के वादों को छोड़कर तथा वारंट रिकॉर्ड वाहन रैली प्रार्थना पत्रों वांछित व आत्म समर्पण प्रार्थना पत्र पूर्व की भांति कंप्यूटर कक्ष में दायर किए जाएंगे। दीवानी वाद एक जुलाई 2020 से कंप्यूटर कक्ष में दायर किए जा सकेंगे। दीवानी व फौजदारी के समस्त वाद परिवार में प्रार्थना पत्रों पर अधिवक्ता का मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, चेंबर नंबर आदि का संपूर्ण विवरण विवरण दिया जाना अत्यंत आवश्यक है। 


अधिवक्ता ड्रेस कोड का पालन करना सुनिश्चित करेंगे। अधिवक्ता सफेद शर्ट वाली पैंट पहनकर बैंड लगा कर न्यायालय में प्रवेश कर पाएंगे। कोट या गाउन पहनने की बाध्यता नहीं है। इसी तरह महिला अधिवक्ता सफेद सलवार सूट, सफेद साड़ी सफेद ब्लाउज व बैंड में प्रवेश कर सकेंगी। कोर्ट गाउन या जैकेट पहने की बाध्यता नहीं होगी सभी अधिवक्ता मास्क व सोशल, फिजिकल डिस्टेंसिंग का स्वयं पालन करेंगे, वह अपने वादकारियों को भी सोशल फिजिकल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। 


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