कांवड़ यात्रा को भी मिलनी चाहिए अनुमति - विजय गौड़ एडवोकेट 

कांवड़ यात्रा को भी मिलनी चाहिए अनुमति - विजय गौड़ एडवोकेट 



मुरादनगर। भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा को शर्तों के साथ निकालने की अनुमति मिलने से शिव भक्त भी गदगद हैं। भोले भंडारी के नाम का जल लेकर आने वाले लोग अभी तक कावड़ यात्रा को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। सरकार ने भी इस बार कांवड़ यात्रा स्थगित किए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बारे में बार एसोसिएशन गाजियाबाद के सचिव विजय गौड़ का कहना है कि जब सरकार मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे खोल सकती है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए कावड़ यात्रा की भी अनुमति दी जा सकती है क्योंकि कावड़ यात्रा से हिंदुओं की आस्था जुड़ी है। इसलिए कुछ नियम बनाकर इस यात्रा को अनुमति दे देना उचित होगा। गौड़ का कहना है कि उत्तरी भारत में कांवड़ जन भावनाओं से जुड़ी हुई है। अनेकों ऐसे समय देश ने देखे हैं और मुकाबला भी किया है तब भी लोगों की आस्था से जुड़े इतने बड़े आयोजनों को रोका नहीं गया। उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। सभी श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे लेकिन उनकी श्रद्धा के लिए इतना ही काफी है कि रथ यात्रा निकले। इसी तरह से कांवड़ यात्रा का भी अपना एक महत्व है। इस यात्रा के दौरान स्वच्छता दूरी का पालन अधिकांश से भक्त करते हैं। 


सरकार को ऐसे ही कुछ प्रबंध कांवड़ यात्रा के लिए भी करने चाहिए। गौड़ ने कहा कि लोगों की आस्था से जुड़े मामलों में सरकार को हर पहलू को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए जिससे सरकार का अनुशासन बना रहे और श्रद्धालुओं को भी अपने ईष्ट की मान्यताओं को पूरा न कर पाने का दुख न रहे। गौड़ ने बताया कि इस बारे में शीघ्र ही उचित पटल पर इस बात को रखा जाएगा। 


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