कोरोना पिला रहा दारु

कोरोना पिला रहा दारु


 


मुरादनगर। गांवों में आजकल कोरोना दारू पिला रहा है। ग्राम पंचायतों के चुनाव निकट है। कौन बनेगा, कौन बना रहेगा? इसका माहौल अभी से तैयार करने की कोशिश शुरू हो गई हैं। महामारी के संक्रमण के कारण कुछ समय के लिए ग्राम पंचायत चुनाव स्थगित हो सकते हैं लेकिन यह भी तय है कि चुनाव होंगे। कोरोना के समय भावी प्रत्याशी अपने अपने संभावित मतदाताओं के हाल-चाल पूछ रहे थे और उनकी कुछ मदद भी कर रहे थे लेकिन उस समय शराब की बिक्री बंद कर दी गई थी। ब्लैक में महंगी शराब पिला नहीं सकते थे इसलिए पीने पिलाने वालों को यह आश्वासन जरूर मिलते थे कि ठेका खुलने दो जी भर कर पी लेना। कई महीने लॉकडाउन के कट चुके हैं। कुछ दिन बाद इस संकट के बादल भी हट जाएंगे। गांव में अब राशन पानी की सेवा लगभग बंद हो गई है क्योंकि सब कुछ धीरे धीरे सामान्य हो रहा है।


अब ग्राम पंचायतों के चुनावों में उम्मीदवार बन चुनाव जीतने की कोशिशें उम्मीदवारों ने शुरू कर दी हैं। अपने बारे में राय भी ले रहे हैं। विरोधी की कमियां भी उनके सामने रख रहे हैं। दिन का ढलना गांव में अब जल्दी शुरू हो गया है। दावतों के दौर शुरू हो गए हैं और अब तो शराब पीने पिलाने का एक और बहाना मिल गया कि स्वास्थ्य विभाग हाथों को अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से साफ करने की सलाह दे रहा है और लोगों के गले भी अल्कोहल से सैनिटाइज कराए जा रहे हैं। कोरोना से पहले जिसने कभी शराब चखी भी नहीं थी उन्हें भी अल्कोहल से गले को सैनिटाइज करने की सलाह देते हुए थोड़ी बहुत पिलाई जा रही है। इस बार ग्राम पंचायत के चुनाव कोरोना की आपदा के बाद होने हैं। गांव में मतदाता लॉकडाउन के समय किस ने उसकी मदद की थी और ऐसी विपदा के समय कौन उनके काम आगे आ सकता है इस आधार पर भी अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। कुल मिलाकर शराब के शौकीनों के लिए कोरोना भी एक पीने का कारण बन गया है और जिस प्रत्याशी को मैदान में रहना है उसे अपने योद्धाओं को अल्कोहल से सेनीटाइज करते रहना पड़ेगा क्योंकि ग्राम पंचायत चुनाव में एक-एक बोट बहुत कीमती होती है। 


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