मुरादनगर में रोका गया चंद्रशेखर रावण को

मुरादनगर में रोका गया चंद्रशेखर रावण को



मुरादनगर। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि सरकारें मनमानी पर उतर आई हैं। पीड़ितों से मिलने जाने पर भी रोका जा रहा है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि आप भी मेरी बात को आगे तक पहुंचाइए। उन्होंने कहा कि अपनों के बीच जाने से रोक कर सरकार अपनी मंशा दर्शा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर किसान की आवाज उठाने के लिए मैं हर समय तैयार हूं। चंद्रशेखर दिल्ली से खरखौदा के गांव सलोना भूमि अधिग्रहण के खिलाफ मोर्चा में जा रहे थे, जिनको मुरादनगर थानाक्षेत्र में गंगनहर के पास रोक लिया। पुलिस अधिकारी चंद्रशेखर आजाद को आगे न बढ़ने देने पर अड़े हुए थे। वहीं चंद्रशेखर अपने गंतव्य की तरफ रवाना होना चाहते थे।



इस दौरान अधिकारियों वह भीम आर्मी प्रमुख मैं हॉट टॉक भी हुआ। चंद्रशेखर को रोके जाने की खबर क्षेत्र में फैल रही और बड़ी संख्या में उनके समर्थक वहां पहुंच गए। कार्यकर्ता व भीम आर्मी प्रमुख आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। करीब 1 घंटे तक पुलिस प्रशासन चंद्रशेखर के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। भीषण गर्मी के बावजूद भी समर्थकों पर की भीड़ बढ़ने लगी। पुलिस अधिकारियों ने और ज्यादा समय ना लगे इसलिए चंद्रशेखर आजाद से वार्ता के लिए निजाम चौधरी को भेजा गया। चौधरी पार्टी के पदाधिकारी भी हैं। पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद वह मुरादनगर से वापस चले गए। भीम आर्मी प्रमुख के चले जाने से पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली जिसमें क्षेत्राधिकारी पुलिस धर्मेंद्र चौहान, थाना प्रभारी ओमप्रकाश सिंह, चौहान व पुलिस बल मौजूद रहा। कार्यकर्ताओं में प्रमुख रूप से संजय जाटव, विरेन्द्र, रविन्द्र भाटी, सतेंद्र जाटव, अजय जाटव, देवेन्द्र प्रधान, असलम सैफी, अफजल अहमद, नौशाद मलिक, आफताब चौधरी आदि पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। समाचार लिखे जाने तक चंद्रशेखर रावण गाजियाबाद की ओर से मेरठ की ओर नहीं जा पाए थे।


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