जाएं तो जाएं कहां सभी दुख दर्द बांटने हैं यहां 

जाएं तो जाएं कहां सभी दुख दर्द बांटने हैं यहां 



मुरादनगर। नगर का बहुत विकास हो चुका लेकिन कोई भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसा पार्क स्थान उपलब्ध नहीं करा पाया। जहां वह कुछ देर अपने हम उम्रों के साथ बैठकर अपने दुख दर्द बांट सके। नगर में कई स्थानों पर पार्क नाम के बोर्ड लगे हैं लेकिन वह आम लोगों के लिए बंद ही रहते हैं। शहर की कॉलोनी डिफेंस गंगा विहार शिवम विहार न्यू डिफेंस कुटी रोड़ ब्रिज विहार आदि ऐसी कॉलोनी हैं जिनमें वरिष्ठ नागरिक भी बड़ी संख्या में रहते हैं। आसपास कोई पार्क आदि न होने की वजह से उन्हें रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों पर शरण ले कुछ समय अपने हम उम्रों मित्रों से साझा करते हैं। 


आयुध निर्माणी क्षेत्र में कई पार्क हैं लेकिन प्रतिबंधित क्षेत्र होने वह ज्यादा दूरी के कारण आम लोग उस और कम ही जाना पसंद करते हैं। उसके अलावा पूरे शहर में कोई ऐसा पार्क या स्थान नहीं है जहां वह सुविधा से बैठकर कुछ समय बिता सकें। पार्क के नाम पर नगर में कई स्थानों पर कुछ संस्थाओं के लोगों ने अपना स्वामित्व बनाया हुआ है। उनमें आम लोगों के लिए कोई सुविधा भी नहीं है। स्टेशन की सीढ़ियों पर बैठकर एक दूसरे से कुशल क्षेम पूछ लेते हैं। 


बुजुर्गों का कहना है कि इस इस ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि नगर में कोई ऐसा पार्क स्थान मिले जहां वह दो घड़ी बैठ एक दूसरे के सुख दुख में शामिल हो सकें। शहर में अधिकांश परिवारों के मकान इतने बड़े नहीं हैं कि बुजुर्गों के मित्र भी वहां बैठकर दो घड़ी चैन ले सकें। ऐसे में एक ऐसा स्थान होना आवश्यक है जहां लोग एक दूसरे से दूर रहते हुए भी मिल सके। यहां ऐसी स्थिति में बैठे बुजुर्ग स्थान कम होने की वजह से निर्देशित दूरी का पालन भी नहीं कर पाते हैं क्योंकि उनमें कुछ सदस्य ऐसे भी होते हैं जो सीढ़ियां खुद नहीं चढ़ पाते। उन्हें साथी ही सहारा देकर अपने पास बैठाते हैं। 


बुजुर्गों का कहना है कि इस समय कोरोना के कारण अधिकांश समय घरों में ही बिताना पड़ता है लेकिन शरीर को भी थोड़ा सा चलाना जरूरी रहता है। इसलिए सुबह शाम यहां आ जाते हैं। कहते हैं कि आखिर और जाएं तो जाएं कहां। दुख दर्द नहीं बांटता सारा जहां। 


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