क्षेत्र में अवैध स्विमिंग पुल कोरोना संक्रमण का खतरा

क्षेत्र में अवैध स्विमिंग पुल कोरोना संक्रमण का खतरा



मुरादनगर। अवैध स्विमिंग पूल उड़ा रहे हैं नियम कायदों की धज्जियां। कोरोना के कहर से लोगों को बचाने के लिए सरकार हर यत्न कर रही है। सामूहिक रूप से गंगा स्नान आदि के कार्यक्रम भी फिलहाल रोके गए हैं। मुरादनगर से गंग नहर भी होकर गुजरती है। घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान व गंगा स्नान के अवसरों पर बड़ी संख्या में यहां वह श्रद्धालु पहुंचते हैं जो किसी कारणवश हरिद्वार गढ़मुक्तेश्वर नहीं पहुंच पाते। प्रशासन ने गंग नहर पर भी सख्ती की हुई है। यहां भी स्नान आदि की अनुमति नहीं है लेकिन शायद प्रशासन की कई ऐसे बिंदुओं पर निगाह नहीं रख रहा रहा है जिनसे कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है। 


क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों ने स्विमिंग पूल बनवाए हैं जिनमें सामूहिक रूप से लोग पानी में एक जगह इकट्ठे होते हैं। यहां तक की कुछ स्विमिंग पूल स्वामी वहां रुकने के घंटों के हिसाब से रुपए चार्ज करते हैं। इनमें सभी सुरक्षा निर्देशों को ताक पर रखा हुआ है। कुछ प्रॉपर्टी डीलरों ने कॉलोनी की जमीने ना बिकने पर उन में स्विमिंग पूल बनवा दिए। कोई अपने खेत में ही स्विमिंग पूल चला रहा हैं। स्विमिंग पूल प्रारंभ करने के कड़े प्रावधान है। कई विभागों द्वारा अनुमति के बाद स्विमिंग पूल अधिकृत रूप से चलाने के लिए अनुमति मिलती है लेकिन क्षेत्र के लोगों को इस बारे में नियम कायदों की जानकारी नहीं है। इसलिए ऐसे अवैध स्विमिंग पूल क्षेत्र में चल रहे हैं। शायद प्रशासन ने भी इस ओर से नजरें फेरी हुई हैं। अवैध रूप से जल दोहन भी अपराध की श्रेणी में आता है। 


जल दोहन भी हो रहा है, लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है और वह भी ऐसे वर्ग को जो हमारे भविष्य हैं। इन स्विमिंग पूलों में जाने वाले अधिकांश युवा होते हैं ऐसे में यदि बड़ी संख्या में युवा वर्ग संक्रमित होता है उसकी जवाबदेही किसी की नहीं दिखलाई दे रही है। ऐसा भी मुमकिन नहीं लग रहा कि पुलिस प्रशासन को इस कोई जानकारी न हो क्योंकि उसकी तीसरी नजर क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों पर बराबर निगरानी करती है और यह स्विमिंग पूल अच्छे लंबे चौड़े स्थानों पर बनाए हुए हैं। जिसको देखने से ही पता चलता है कि यहां कुछ है। 


 


Comments