चौधरी चरण सिंह ने दबाव की राजनीति नहीं की - जितेंद्र कुंडू

चौधरी चरण सिंह ने दबाव की राजनीति नहीं की - जितेंद्र कुंडू



मुरादनगर। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह ने आज ही के दिन 1979 में एक माह का कार्यकाल होने पर ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। यह बातें यहां चौधरी चरण सिंह पर परिचर्चा के लिए बुलाई गई वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक के दौरान कुंडू न्यूज़ नेटवर्क के डायरेक्टर व युवा रालोद नेता चौधरी जितेंद्र सिंह कुंडू ने कहीं श्री चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह अपने उसूलों के बहुत पक्के थे। उन्हें सत्ता छोड़ना मंजूर था। लेकिन जनहित के मुद्दों से मुंह मोड़ना उनकी फितरत में शामिल नहीं था। किसानों के हित को देखते हुए उन्होंने छोटे से कार्यकाल में जमीदारी उन्मूलन विधेयक पारित कराया था। जिससे खेत किसान की हालत मजबूत हुई। कुंडू ने बताया कि अप्रैल 1967 में वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और अप्रैल 68 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जुलाई 1979 में चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री बने थे। 


इससे पूर्व वो 1977 में केंद्र सरकार में उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी रह चुके थे। उस समय सहयोगी पार्टी उन पर दबाव बनाना चाहती थी। लेकिन उन्होंने किसी का दबाव में न आते हुए प्रधानमंत्री की कुर्सी को छोड़ दिया था। जितेंद्र ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के कार्य अभी तक के किसानों मजदूरों अल्पसंख्यकों को उनका हक व सम्मान दिला रहे हैं। 


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