ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावों की आहट

ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावों की आहट


 



मुरादनगर। क्षेत्र में ग्राम पंचायत चुनावों की आहट आनी शुरू हो गई है। गांवों में जो कार्य नहीं हो सके उसके लिए वर्तमान प्रतिनिधियों की विफलता बताई जा रही है। कराए गए कार्यों में घोटाले के आरोप भी लोगों को बताए जा रहे हैं। अभी शासन स्तर से ग्राम पंचायत चुनावों की विधिवत घोषणा नहीं की गई है लेकिन सरकार द्वारा चुनाव कराने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। गांव के जिन चौधरियों के कई कई दिन दर्शन नहीं होते थे वह अब रोज अपनों के बीच पहुंच रहे हैं। यह बात अलग है कि अभी संपर्क अभियान गुपचुप किस्तों में चलाया जा रहा है। एक दिन एक मोहल्ले के लोगों को अपने गुण दूसरों के दुर्गुण तो दूसरे दिन अगली गली में भी अपने को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध करने की कोशिशें की जा रही है। इस बार राजनीतिक पार्टियों ने ग्राम पंचायत चुनाव अपने चिन्हों पर कराने के निर्णय लिए हैं। उनसे भावी प्रत्याशियों के लिए और दिक्कतें पैदा हो सकती है। सब चाहते हैं कि सत्ताधारी पार्टी का टिकट मिले लेकिन कहीं उनकी गोटी वहां नहीं बैठ पाई तो दूसरी पार्टी से टिकट लेकर जनता के बीच पहुंचना पड़ सकता है। इसलिए अभी किसी पार्टी को अच्छी या बुरी बताने में भी ग्रामीण राजनीति के धुरंधर परहेज कर रहे हैं। ग्रामीण राजनीति को बारीकी से समझने वाले महावीर सिंह यादव ने बताया कि अभी पार्टियों का नाम न लेकर प्रत्याशी मतदाताओं की नब्ज टटोल रहे हैं। 


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