सर्दी से बचाव के इंतजाम नहीं

सर्दी से बचाव के इंतजाम नहीं





मुरादनगर। भयंकर हाड़ कंपा देने वाली सर्दी  उसमें भी बचाव के लिए कोई ठिकाना नहीं। दर्जनों लोग रात रेलवे स्टेशन पर गुजारते हैं। शहर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जहां ऐसे लोगों को शरण मिल सके। मजबूरी में रेलवे स्टेशन पर ही रात गुजारनी पड़ती है। ऐसे लोगों के पास सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त कंबल रजाई आदि नहीं है। कहने के लिए स्टेशन पर नगर पालिका अलाव की लकड़ी डलवाती है लेकिन वह कुछ मिनट जलने के बाद ही राख बन जाती हैं क्योंकि लकड़ियां काफी छोटी हैं। उन्हें जलाने पर कुछ देर तक आग दहकती नजर आती है, कुछ ही देर में बंद हो जाती है। उससे भी ऐसे लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही। भिक्षा के सहारे जीवन यापन करने वाले तथा कुछ मेहनत मजदूरी करने वाले जिनके पास रात गुजारने के लिए कोई स्थान नहीं होता है। कचरा बीन कर भरण पोषण करने वाले कुछ परिवारों को भी यहीं शरण लेनी पड़ती है। कड़ाके की सर्दी में लोग छोटी मोटी चादर जैसे कपड़ों से सर्दी से बचाव का प्रयास करते हैं। लेकिन सो नहीं पाते कहने के लिए तो अनेक लोग कंबल आदि वितरण के दावे करते हैं। लेकिन ऐसे लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं दिखलाई देता प्रदेश में सर्दी के कारण मौतें होनी शुरू हो गई हैं। गौशालाओं में गायों को कोट पहनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। लेकिन ऐसे बेसहारा लोगों की सुध सरकारी मशीनरी भी नहीं ले रही जबकि यहां लावारिस  तरह रहने वाले अधिकांश बुजुर्ग हैं जिनमें महिलाएं भी हैं। जब लोगों को सर्दी ज्यादा सताने लगती है तो वह आसपास से झाड़ आदि लाकर कुछ देर उसकी गर्मी के सहारे रात का समय काटते हैं। इस बारे में वहां मौजूद लोगों ने बताया कि उन्हें सर्दी से बचाव के लिए कोई मदद नहीं मिली है।

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