बिजली विभाग ने कहा घर छोड़ो हजारों को मिले नोटिस

 बिजली विभाग ने कहा घर छोड़ो  हजारों को मिले नोटिस 


मुरादनगर। लाठी के बल पर दर्जनों कालोनियों के मकानों के ऊपर से उच्च क्षमता विद्युत लाइनें खिंचवाने वाले बिजली विभाग ने लोगों को नोटिस भेजे हैं कि विद्युत लाइनों के नीचे बने मकानों इमारतों को तुरंत हटाया जाए। यहां के विद्युत विभाग उस कहावत पर सही उतरता है कि चित भी मेरी पट भी मेरी, अंटा मेरे बाबा का। विद्युत विभाग  की दोहरी कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। विभाग ने लाइनों के नीचे बने मकान व अन्य निर्माण हटाने के लिए लोगों को नोटिस भेजे हैं और उसी विभाग ने जलालपुर रोड से नई विद्युत लाइनें जबरन कालोनियों में बने मकानों इमारतों के ऊपर खींची थी। विद्युत लाइनों के नीचे बने मकान कभी भी खतरनाक साबित हो सकते हैं लेकिन कम पूंजी वाले लोग कालोनियों में तारों के नीचे आने वाली जमीनों को भी सस्ते में खरीद कर अपनी एक छत का इंतजाम कर लेते हैं। यह लोग तो मजबूरी में लाइनों के नीचे जमीन खरीद कर छोटा-मोटा आशियाना बनाकर गुज़ारा कर रह रहे हैं। उन्हें उजाड़ने के लिए नोटिस भेजे गए हैं लेकिन विभाग का कोई भी अधिकारी यह जवाब देने के लिए तैयार नहीं है कि जलालपुर रोड से गंगा विहार ब्रिज विहार होते हुए हजारों  मकानों के ऊपर से हाईटेंशन तारों का जाल क्यों बिछाया गया था। हालांकि लोगों ने उस समय विरोध किया था लेकिन  विभाग ने वहां पुलिस की लाठी का सहारा लेकर मकानों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनों के तार खिंचवा दिए थे। 
मुरादनगर विद्युत विभाग स्टेशन बहुत महत्वपूर्ण है। यहां से दिल्ली नोएडा साहिबाबाद तथा उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। नगर व आसपास के क्षेत्र में विद्युत लाइनों के जाल बिछे हुए हैं। कई बार इनसे दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। लोगों की जान भी जा चुकी हैं। विद्युत विभाग का कहना है कि नियमानुसार विद्युत लाइनों के नीचे निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता लेकिन विभाग जब जबरन लोगों के आशियानों के ऊपर से विद्युत लाइनें खींचता है तब वह नियम कहां चले जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोग ही ऐसे स्थान पर छोटा-मोटा प्लॉट लेकर अपने रहने लायक मकान बनाता है। उन लोगों को नोटिस मिलने से गृह स्वामियों में हड़कंप की स्थिति है। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें लेकिन शहर में एक यह भी बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब विद्युत लाइनों के नीचे निर्माण किया जाना अवैध है तो विभाग ने कई कालोनियों के ऊपर से जिनमें हजारों लोग अपने मकानों में रहते हैं बिजली की लाइनें किस नियम के तहत लगवाई।
 इस पूरे मामले को लेकर लोग कानूनी सलाह ले रहे हैं वहीं जिन के मकानों के ऊपर से जबरन लाइने खींची गई थी उनके भी जख्म हरे हो गए हैं। वह भी अब दोबारा से इस बारे में सलाह कर रहे हैं कि विद्युत विभाग को किस तरह से जवाब दिया जाए। ऐसा न हो कि यह दिए नोटिस पुलिस की लाठी के डर से चुप बैठ गए लोगों को दोबारा सड़क पर न ले आए।



 इस बारे में राष्ट्रीय लोक दल के वरिष्ठ नेता असलम खान का कहना है कि यह सरकार की दोहरी नीति है। गरीबों का उत्पीड़न है। छोटे-छोटे मकान वालों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। विद्युत विभाग ने पहले से आबाद कॉलोनियों के ऊपर से जबरन बिजली की लाइनें खींची थी। इस बारे में राष्ट्रीय लोक दल एक बैठक कर रणनीति तैयार करेगी।
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