सरकार किसान आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है - सतपाल चौधरी

सरकार किसान आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है - सतपाल चौधरी





मुरादनगर। सरकार भ्रष्टाचारियों की जांच कराने की हिम्मत नहीं जुटा रही। अपने हक के लिए लड़ रहे किसानों को संपत्ति की जांच करा कर धमका आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन सरकार किसानों का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष व मुरादनगर हैंडलूम पावर लूम एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी सतपाल सिंह ने यह बातें दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कही। 
उन्होंने कहा कि मुरादनगर में नगर पालिका द्वारा श्मशान घाट में किए गए घटिया निर्माण के कारण 25 लोगों की जान चली गई जो घायल हैं वह भी बदतर स्थिति में हैं। परिवार बर्बाद हो गए लेकिन सरकार उसमें शामिल भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई न कर उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 50 बीघे जमीन का किसान इस स्थिति में है कि वह समय पर अपने बच्चों की फीस तक स्कूलों में जमा नहीं कर पाता जो किसान ज्यादा खेती कर रहे हैं वह नियमानुसार सरकार को टैक्स दे रहे हैं। सरकार उनकी क्या जांच कराना चाहती है। 
200 से अधिक किसान आंदोलन के दौरान शहीद हो चुके हैं लेकिन सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली जिसके कारण किसानों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ सभी खड़े हुए हैं। उनकी जायज मांग सरकार को तुरंत मानते हुए तीनों काले कानूनों को वापिस लेना चाहिए अन्यथा यह किसान आंदोलन ही सरकार के पतन का कारण बनेगा। चौधरी ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कुछ नेता तथा सत्ता के इशारों पर चलने वाली मीडिया कह रही है कि धरना स्थल से किसान वापिस लौटने लगे हैं लेकिन सच यह है कि किसान अपने हक लिए बिना अपने घर नहीं लौटेंगे। आंदोलनकारी किसानों की बड़ी संख्या यहां जुटी हुई है। किसान एकता के सामने सरकार को झुकना ही पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र के किसानों के साथ आंदोलनरत किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि हमारे क्षेत्र का प्रत्येक किसान उनके साथ है और साथ रहेगा।
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