बीमारी के साथ साथ कालाबाजारी रोकने के लिए गांव गलियों में भी करनी होगी चौकसी

बीमारी के साथ साथ कालाबाजारी रोकने के लिए गांव गलियों में भी करनी होगी चौकसी



मुरादनगर। कोरोना तथा कालाबाजारी रोकने के लिए  शहर में ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों व कालोनियों की गलियों में भी प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। मुख्य बाजारों में कोरोना कर्फ्यू कालाबाजारीयों की तलाश  से हालातों पर काबू पाना कठिन लग रहा है। मुख्य मार्गों पर पुलिस प्रशासन कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए दिए गए दिशानिर्देशों के पालन कराने के प्रयास जुर्माना अन्य कार्यवाही कर रहा है। सरकार प्रशासनिक अधिकारी कालाबाजारी नहीं होने देने के दावे कर कठोर कार्यवाही की चेतावनी भी दे रही है। इन सबके लिए पुलिस प्रशासन नगर के व्यापारियों पर निगाह रख रही है लेकिन  कालाबाजारी रुकने के स्थान पर उच्च स्तर तक पहुंच रही है। इस बार कोरोना संक्रमण का भयंकर रूप लोगों की जान ले रहा है। चारों ओर हाहाकार है। डॉक्टर मास्टर अधिकारी पुलिस नेता पहले दौर में भी संक्रमण की चपेट में आए थे लेकिन इस बार किसान भी खतरे में पड़ गया है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण के ज्यादा मामले नहीं आए थे लेकिन इस बार ग्रामीण क्षेत्र से संक्रमण के कारण मौतों तक की खबरें आ रही हैं। इससे स्थिति को गंभीरता से समझा जा सकता है। 
ग्रामीण क्षेत्र में लोग अभी कम जागरूक हैं इसलिए निर्देशित सावधानियां नहीं रख रहे और वहां नियमों का पालन कराने के भी कोई इंतजाम दिखलाई नहीं दे रहे। नगर में लोग पुलिस की सख्ती के चलते नियम पालन कर रहे हैं लेकिन गांव में किसी को यह डर भी नहीं है कि पुलिस मिल जाएगी। मास्क शारीरिक दूरी वहां नहीं दिखलाई देती। कालाबाजारी करने वाले सरकार से दो कदम आगे चल रहे हैं। पुलिस प्रशासन मुख्य बाजारों में ब्लैक खोज रहा है लेकिन कालाबाजारी करने वालों ने कालोनियों की छोटी-छोटी गलियों में अपने ठिकाने बना लिए हैं जो सामान मेन मार्केट से गायब है वह सभी गलियों में मुंह मांगे दामों पर उपलब्ध है। लॉकडाउन की बंदी के दिनों में भी वहां निर्बाध प्रत्येक आवश्यकता की वस्तु उपलब्ध है। शर्त है रेट मुंह मांगे। आपदा के समय भी कमाई के अवसर ढूंढने वाले दोनों हाथों से लोगों को लूट रहे हैं लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई दिखलाई नहीं दे रहा क्योंकि उनकी गलियों में स्थित दुकानों को मामूली मानते हुए उस और सरकारी विभाग ध्यान नहीं दे रहे। बीमारी कालाबाजारी दोनों ही बढ़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों तथा कालोनियों की छोटी दुकानों पर जानकारी की जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई।

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