जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चाएं शुरू

जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चाएं शुरू




मुरादनगर। ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर लोगों में चर्चाएं हैं। यह जानने की सभी को उत्सुकता है कि इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद मुरादनगर क्षेत्र को मिलता है या अध्यक्ष पद किसी और क्षेत्र में पहुंचेगा। दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष मुरादनगर से संबंधित रहे एक कार्यकाल पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी के छोटे पुत्र अजीत पाल त्यागी जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से मुरादनगर क्षेत्र के विधायक हैं रहे। समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान हुए चुनावों में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री व विधान परिषद सदस्य आशु मलिक के छोटे भाई नूर मलिक अध्यक्ष बने। सरकार बनने बिगड़ने के खेल ने उनका कार्यकाल 2 वर्ष में ही समाप्त करा दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष ग्रामीण क्षेत्र के विकास का सूत्रधार होता है और जिस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद सदस्य अध्यक्ष बनता है वह अपने क्षेत्रों में विशेष रुचि लेकर विकास कार्य प्राथमिकता से कराता है। दो बार क्षेत्र के पास जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी रही। उस दौरान लोगों ने क्षेत्र में होता हुआ विकास देखा। 
मुरादनगर क्षेत्र में पड़ने वाली जिला पंचायत की 8. 6. सीटों पर लोगों की विशेष निगाह है क्योंकि दोनों सीटों से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे मां बेटा अध्यक्ष पद मुरादनगर के हिस्से में ला सकते हैं। राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी ने अपने बड़े पुत्र गिरीश त्यागी की पत्नी रश्मि त्यागी  पोत्र मोहित को चुनाव मैदान में उतारा है। ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा है कि दोनों ही प्रत्याशी जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी के लिए सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। क्षेत्र में राजपाल त्यागी अपने आप में एक पार्टी हैं। उनका अपना जनाधार है। उचित स्थान पर क्षेत्र में कोई और नेता अभी तक नहीं पहुंच सका है। 
अजीत पाल भाजपा के टिकट पर क्षेत्र से विधायक हैं। युवा वर्ग में उन्होंने भी अपनी पैठ बनाई है। दोनों वार्डों से नामांकन कर चुके कई प्रत्याशियों ने उन्हें समर्थन देने के लिए नाम वापसी कराई है। अजीत पाल त्यागी भारतीय जनता पार्टी से विधायक हैं लेकिन उनके परिवार के दोनों में से किसी भी प्रत्याशी को सत्ताधारी पार्टी ने समर्थन की घोषणा नहीं की है। अन्य किसी को भी अभी उम्मीदवार नहीं बनाया है। दोनों ही वार्डों में राजपाल त्यागी अजीत पाल त्यागी उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए खुद बागडोर संभाले हुए हैं। दोनों ही सीटों पर फिलहाल स्थिति मजबूत नजर आ रही है। लोगों में भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर उत्सुकता है। चुनावी माहौल है जो पल-पल बदलता है। देखना है कि चुनाव के समय लोगों की क्या राय होती है। इस बारे में कई लोगों ने दैनिक वीर अर्जुन प्रतिनिधि मुकेश सोनी को बताया कि क्षेत्रवासी चाहते हैं कि अध्यक्ष पद यहीं आए।

Comments