सुराना प्रधान पति सहित 400 से अधिक पुलिस के निशाने पर

सुराना प्रधान पति सहित 400 से अधिक पुलिस के निशाने पर


मुरादनगर। ग्राम सुराना की नवनिर्वाचित प्रधान उनके पति तथा बड़ी संख्या में उनके समर्थक अन्य ग्रामीण गिरफ्तार हो सकते हैं। प्रधान पति यजुवेंद् जंगली फौजी की तलाश पुलिस मोदीनगर में हुए अक्षय सांगवान हत्याकांड में कर रही है। वहीं ग्राम पंचायत चुनाव में प्रधान सहित 56 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हैं वहीं 356 अज्ञात के विरुद्ध भी विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हैं। लगभग 400 आरोपियों में महिला एकमात्र ग्राम प्रधान ही हैं उस दौरान मौजूद बाकी महिलाओं की पहचान नहीं हो पाई या पुलिस ने महिलाओं को जानबूझकर अनदेखा कर दिया। एस आई हरेंद्रसिंह की ओर से मुकदमा कायम कराया गया था।

कि वह हमराह किशनपाल सिंह व चालक  प्रहलाद सिंह  को साथ लेकर चौकी क्षेत्र रावली के गांव सुराना में  गस्त करते हुए जिला सहकारी बैंक ऑफ बड़ौदा को चेक करने हेतु जा रहे थे। गांव के यदुवेंद्र उर्फ जंगली फौजी के मकान के सामने से लगभग गेट की तरफ को 500 मीटर सड़क ट्रैक्टर का टेंपो लाइन में लगे खड़े थे। तथा जिन पर काफी संख्या में लोग बैठे सड़क सड़क के दोनों पर भारी संख्या में व्यक्ति खड़े थे जिनके द्वारा मार्ग अवरुद्ध कर रखा था। हम पुलिस पुलिस वालों ने गाड़ी से उतरकर कुछ व्यक्ति से पूछा कि आप सड़क पर इतनी संख्या में क्यों खड़े हो तो सचिन पुत्र रमेश ने बताया कि मेरी मामी श्रीमती रेनू यादव पत्नी यदुवेंद्र यादव उर्फ जंगली फौजी ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रही है और आज नामांकन भरने जा रही है। चुनाव के प्रचार के लिए ही हम लोग अपनी मामी रेनू यादव के पक्ष में जुलूस निकाल रहे हैं। यह घटना समय 11:00 दिन की है जब मैंने सचिन और प्रधान पद प्रत्याशी रेनू यादव से रैली जुलूस निकालने की अनुमति दिखाने को कहा तो इनके द्वारा जुलूस निकालने की अनुमति होने से इनकार किया। इस पर गाड़ी में लगे माइक से आग्रह किया की सरकार ने इन्हें प्रतिबंधित किया हुआ है। लेकिन प्रधान प्रत्याशी रेनू यादव वह जुलूस में शामिल लोगों पर मेरे द्वारा दी गई चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ और प्रधान प्रत्याशी रेनू यादव और उसके समर्थकों द्वारा लगभग 2 घंटे तक 50 ट्रैक्टर 15 कार व 5 टेंपो पिकअप गाड़ी के साथ लगभग जिसमें 400 व्यक्ति शामिल थे तथा उक्त अवधि में गांव की मुख्य सड़क को इनके द्वारा अवरोध किया गया। जिससे वहां से निकलने वाले जनता के सामान्य व्यक्तियों को वापस जाना पड़ा। कुछ लोगों, कर्मचारियों द्वारा अपने फोन से फोटो वीडियोग्राफी भी की गई। जुलूस में शामिल लोगो के फोटो दिखाकर पहचान कराई गई। तथा कुछ व्यक्तियों को हम पुलिस वालों द्वारा भी पहचानना गया जिनके नाम पता श्रीमती रेनू यादव पत्नी यादवेंद्र सिंह यादव उर्फ जंगली फौजी सचिन पुत्र रमेश, नितिन पुत्र रमेश, रमेश पुत्र हरकिशन, सचिन पुत्र ध्यानचंद, मोनू पुत्र सुखबीर सिंह, मनीष पुत्र देवेंद्र, विष्णु दत्त शर्मा पुत्र ब्रह्मदत्त शर्मा, संजय पुत्र गजराज, जगत पुत्र हुकुम सिंह, संदीप पुत्र परशुराम, सोनू पुत्र रमेश, मुखिया गप्पू पुत्र हरपाल, मनोज पुत्र मामचंद, कुलदीप पुत्र राज सिंह, नीलू पुत्र रघुवीर, सिद्धार्थ पुत्र देवेंद्र श्याम पुत्र मूलचंद, अंकित पुत्र मनु, धरम वीर पुत्र विजय, पाल पुत्र विजय पाल, कल्लू पुत्र सतपाल, विजेंद्र पुत्र विनय, आशीष पुत्र योगेंद्र सिंह के पुत्र पुत्रवधू पुत्र मुखिया, नितिन पुत्र कृष्णपाल, मुख्तियार राजेश पुत्र सनी पुत्र रघुवीर, गजराज पुत्र हरी सिंह, लोकेश पुत्र संयोजन, ब्रहम सिंह पुत्र दूबर, सतवीर पुत्र फोरम, कर्मवीर पुत्र हुकुम सिंह, अमित पुत्र रमेश, योगेंद्र पुत्र  श्रीचंद, अजय पुत्र दयाचंद, गजल पुत्र धर्मपाल, प्रशांत पुत्र योगेंद्र, राहुल पुत्र विजय, गौरव पुत्र कुंवर सेन, संदीप पुत्र जयभगवान, नीरज पुत्र गुल्लू, मोनू पुत्र खेमचंद, कुंवर पाल पुत्र भोरा, मनीष पुत्र रामकिशन, विनोद पुत्र रामवीर, सुंदर पुत्र रामवीर, जयप्रकाश पुत्र ना मालूम, सतपाल, राजकुमार पुत्र रघुवीर, संजीव पुत्र राम सिंह, समस्त निवासी गांव सुराना थाना मुरादनगर गाजियाबाद है। तथा लगभग 345 व्यक्ति नाम पता अज्ञात थे उपरोक्त सभी व्यक्तियों द्वारा धारा 144 सीआरपीसी का उल्लंघन किया गया तथा अवैध जनसमूह के रूप में एकत्र हुए। जिससे कोविड-19 कोरोनावायरस से रोकने के लिए बनाए गए नियमों का भी उल्लंघन किया गया। पुलिस ग्राम प्रधान पति के विरुद्ध कुर्की की कार्यवाही प्रारंभ कर चुकी है तथा मुरादनगर थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोपी वांछितों की तलाश में जुट गई है। चुनाव के दौरान पुलिस ने गांव में फरार चल रहे यजुवेंद्र की तलाश में छापेमारी की थी। उस समय ग्रामीणों ने घंटों रोड जाम कर विरोध करते हुए पुलिस को वापिस लौटने पर मजबूर कर दिया था उस मामले में लिखा नहीं पढ़ी नहीं हुई थी।
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