फिजियोथेरेपी भी लाभदायक है कोरोना में - डॉ. शोभित

फिजियोथेरेपी भी लाभदायक है कोरोना में - डॉ. शोभित


मुरादनगर। कोरोना से लड़ाई में मरीजों को फिजियोथैरेपी से भी बड़ी राहत मिल रही है। दवाओं के अलावा अन्य इलाज भी कोविड-19 से लोगों की जान बचा रहे हैं। इस बारे में फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर शोभित त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि फेफड़ों तक वायरस का संक्रमण पहुंचने पर कोरोना मरीज की हालत गंभीर होती है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। वायरस  फेफड़ों तक पहुंच कर उन्हें अवरुद्ध कर देता है। जिसके कारण ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है। ऐसे में सीने की चेस्ट थेरेपी देकर मरीज के फेफड़ों को खोलने की कोशिश करते हैं। जिसमें सफलता भी मिलती है ऐसा करने पर फेफड़ों से कफ निकलता है। इस प्रक्रिया के दौरान मरीज के मुंह से कफ बाहर आने के चलते थेरेपी दे रहे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों के कोरोनावायरस होने का खतरा बढ़ जाता है। पीपी किट समेत बचाव के सभी संसाधन अपनाकर मरीज को उल्टा लिटा कर थेरेपी देने से चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी सुरक्षित रहते हैं। ऑक्सीजन स्तर 75 - 78 से 91.93. तक पहुंचाया जा सकता है। डॉ शोभित ने बताया कि दवा के साथ फिजियोथैरेपी की मदद से ऐसे मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 75 से 78 से 91.93 .तक पहुंचा और वे अब स्वस्थ हैं। दवाओं के साथ फिजियोथेरेपी की मदद से मरीज ठीक हुए हैं उन्होंने बताया कि कोरोना पीड़ित के फेफड़ों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाता है। फिजियोथैरेपी में फेफड़ों को खोलने का इलाज है। उसके लिए कुछ छोटे से यंत्र भी इस्तेमाल में लिए जा सकते हैं। उनके प्रयोग से घर रह कर भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वह लोगों को फिजियोथैरेपी उसके तरीके इस्तेमाल में आने वाले यंत्रों के बारे में लोगों को सलाह भी दे रहे हैं। जिससे बहुत से लोग लाभान्वित हो चुके हैं। बहुत से लोगों को अस्पतालों में इलाज के बाद नेगेटिव रिपोर्ट आने पर छुट्टी देकर घर भेज दिया जाता है। लेकिन फेफड़ों में जकड़न की शिकायत बनी रहती है उस स्थिति में भी फिजियोथैरेपी काफी कारगर है।
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