देधा के स्थान पर भोवापुर क्यों पहुंचे मुख्यमंत्री ?

देधा के स्थान पर भोवापुर क्यों पहुंचे मुख्यमंत्री ?




मुरादनगर। देधा से भोवापुर कैसे पहुंच गए मुख्यमंत्री इसको लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कोरोना हालात व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए गाजियाबाद आए थे। जिले के 1 गांव में  भी उनके जाने का कार्यक्रम बताया गया था। प्रशासनिक अमला कार्यक्रम के पहले दिन से ही मुरादनगर में डेरा डालें हुए था। शहर से सटे गांव देधा असालतनगर सरना खुर्रमपुर गांवों में से किसी एक गांव में प्रदेश के मुखिया के दोरे की रूपरेखा अधिकारी बना रहे थे। खुर्रमपुर असालतनगर सरना में हाल ही में कोरोना के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जाने चली गई। नौकरशाहों को गांव देधा मुख्यमंत्री को घुमाने के लिए जचां प्रशासन ने कुछ किटें भी गांव के लोगों को उपलब्ध करा दी ताकि मुख्यमंत्री के सामने उनकी उछल कूद में कोई कमी न दिखाई दे। गांव की ओर जाने वाले टूटे-फूटे रास्तों की भी आनन-फानन में मरम्मत करा दी गई। 
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस प्रशासन की टीम ने निरीक्षण भी किया। लोग व मीडिया कर्मी यहां मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे थे। शाम को पता चला कि मुख्यमंत्री भोवापुर के ग्राम पंचायत भवन में पहुंच कर वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ग्रामीणों से कोरोना पर चर्चा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिन गांवों में कोरोना ने कहर बरपा रखा है वहां मुख्यमंत्री को नहीं ले जाया गया। देधा मेरठ दिल्ली हाईवे मुरादनगर शहर के निकट है। यहां कोरोना के भी ज्यादा मामले सामने नहीं आए थे लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री को यहां के बजाय पाइपलाइन मार्ग स्थित गांव का दौरा कराया गया। सूत्रों का कहना है कि 3 जनवरी को श्मशान घाट का लेंटर गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से मिलने के प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों को ऐसी सूचना से ही पसीने छूट गए। क्योंकि मृतकों के परिवार जिन कालोनियों में रहते हैं। वहां से गांव देधा आसानी से लोग पहुंच सकते थे। उसके लिए किसी वाहन की भी आवश्यकता नहीं पड़ती इसीलिए प्रशासन ने पाइपलाइन रोड का ट्रैफिक रोक मुख्यमंत्री को ऐसे गांव पहुंचा दिया जहां पीड़ितों का पहुंचना संभव नहीं था। इस बारे में श्मशान घाट हादसे के बाद सरकारी नौकरी मिलने का इंतजार कर रहे परिजनों ने बताया कि उन्हें देधा में मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिली थी। वह लोग मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा रखना चाहते थे लेकिन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को दूसरे रास्ते से निकाल दिया। स्थानीय चुने हुए जनप्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री को सही स्थान पर ले जाने के बजाय चुप्पी साधे रहे। केंद्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह सेवानिवृत्त क्षेत्रीय विधायक अजीत पाल त्यागी भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल रहे।




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