चौधरी साहब की आवाज़ भी सुनाई देती है जयंत को मजबूत करने की आवश्यकता - गिरीश चौधरी

चौधरी साहब की आवाज़ भी सुनाई देती है जयंत को मजबूत करने की आवश्यकता - गिरीश चौधरी 



मुरादनगर। आज भी ऐसा लगता है जैसे चौधरी साहब आवाज देकर बुला रहे हों। उनकी आवाज अभी तक कानों में गूंज रही है। हमें लगता है कि वह हमारे आसपास ही हैं। यह कहना है राष्ट्रीय लोक दल के सचिव गिरीश चौधरी का। उन्होंने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय चौधरी अजीत सिंह का व्यवहार ऐसा था कि जो भी एक बार उनसे मिल लेता था वह उन्हीं का हो जाता था। उन्होंने बताया कि उनकी हालत खराब होने पर जयंत चौधरी ने उन्हें फोन कर जानकारी दी। उसे सुनकर ऐसा लगा जैसे संसार लूटने जा रहा हो और थोड़ी देर में ही मुझे भी बुखार हो गया। उनके निधन का पता चलते ही पार्टी के कार्यकर्ताओं में शोक निराशा छा गई। ऐसा लगता है जैसे हम अनाथ हो गए हैं। 
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय चौधरी अजीत सिंह स्वयं लोगों से मिलकर उनके दुख दर्द सुनते समस्याओं का निराकरण कराते थे। यदि वह मौजूद नहीं होते थे जयंत चौधरी उनकी जिम्मेदारी संभालते थे। कभी-कभी दोनों ही मौजूद नहीं रहते थे तब मुझे फोन कर कहते थे कि गिरीश तुम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्या सुन उनका समाधान कराओ। साथ ही यह भी हिदायत होती थी कि किसी को निराशा न हो। गिरीश ने कहा कि अब सभी जिम्मेदारियां जयंत चौधरी के कंधों पर आ गई हैं। वह अपने आप को संभालते हुए कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को चौधरी साहब की कमी महसूस न हो लेकिन अभी तक चौधरी अजीत सिंह के जाने के दुख से हम नहीं उबर सके हैं। 
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत चुनावों में पार्टी ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। जयंत चौधरी के नेतृत्व में पार्टी का बड़ा विस्तार होगा क्योंकि चौधरी साहब भी यही चाहते थे कि गरीब मजदूर किसान की बात कहने वाला जरूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर प्रत्येक पार्टी कार्यकर्ता जयंत चौधरी वह मजबूत करने का प्रण लें यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी क्योंकि जयंत चौधरी की मजबूती से ही चौधरी चरण सिंह की नीतियां आगे बढ़ेंगी और चौधरी अजीत सिंह के अधूरे कार्य पूरे होंगे।


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