पिता के बाद मां का साया भी उठा 3 बच्चे हुए अनाथ

 पिता के बाद मां का साया भी उठा 3 बच्चे हुए अनाथ


 मुरादनगर। 3 बच्चे हुए अनाथ कौन देगा सहारा पिता के बाद मां भी उन्हें अकेला छोड़ गई कोई रिश्तेदार नहीं कहां से यहां आए थे। यह भी उन्हें नहीं पता मां की मौत के बाद 3 बच्चे हुए। अनाथ ऊपरवाला ऐसे हालात किसी को न दिखाए जिन्हें इस बारे में पता चला वह यही प्रार्थना कर रहे हैं।
 नगर की संगम विहार कॉलोनी उखलारसी में रहने वाले एक परिवार मे महिला की मौत के बाद 3 बच्चे दुनिया में अकेले रह गए। संगीता भंडारी पत्नी स्वर्गीय दलीप भंडारी अपने परिवार के साथ रहती थी। लगभग 5 वर्ष पूर्व उसके पति दलीप भंडारी उम्र 40 वर्ष की बीमारी के चलते 2016 में मृत्यु हो गई। वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का लालन-पालन कर रहा था दिलीप की मौत के बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। संगीता ने किसी तरह से अपने आप को संभाल 3 बच्चों की मां की जिम्मेदारी पूरी करने के लिए आसपास के घरों में झाड़ू पोछे का काम करने लगी। वह किराए के मकान में रहकर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। रविवार को रात में बीमारी के कारण संगीता की भी मौत हो गई वह अपने पीछे अपने तीन बच्चों को छोड़ गई। मां बाप के अलावा उन बच्चों का अब कोई नहीं है। एक लड़की नीशू उम्र 17 वर्ष 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। पुत्र करण 9वी कक्षा का छात्र है। तीसरा पुत्र दिव्यांशु उम्र 13 वर्ष सातवीं कक्षा का छात्र है। बच्चों ने बताया कि उन्हें नहीं पता वह कहां के रहने वाले हैं। क्योंकि कभी उनके पिताजी या माताजी उन्हें अपने गांव लेकर नहीं गए न ही कोई रिश्तेदार उनसे यहां मिलने आता है। आस पड़ोस के रहने वाले लोगों ने ही पैसे देकर अंतिम संस्कार कराया है। पड़ोस में रहने वाले लोगों का कहना है कि बच्चे अनाथ हो गए हैं सरकार की तरफ से इन्हें कुछ मदद मिलनी चाहिए। इनकी माता संगीता काफी दिन से बीमार थी कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी किसी अस्पताल में उसे भर्ती नहीं किया गया जिसकी वजह से उसका घर पर ही इलाज चल रहा था। कोरोना महामारी की वजह से कोई भी अपने घर में काम करने के लिए झाड़ू पोछा करने के लिए नहीं बुलाते थे। जिसकी वजह से आस-पड़ोस के लोगों की मदद से उनका खर्चा चल रहा था। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि मां की मृत्यु के बाद बच्चों के भविष्य का क्या होगा इसको लेकर सभी चिंतित हैं। लोगों ने महिला का अंतिम संस्कार करा दिया बड़ा सवाल यह है कि बच्चों की देखभाल कौन करेगा क्योंकि उनके किसी रिश्तेदार तक का पता न बच्चों को है। और न आसपास के लोगों को तीनों ही बच्चे अभी नाबालिग हैं इस समय उन्हें सहायता की बहुत आवश्यकता हैै।
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