मुरादनगर में भी छिपे हो सकते हैं - रोहिंग्या

 मुरादनगर में भी छिपे हो सकते हैं - रोहिंग्या


 मुरादनगर। कहने को तो झोपड़ियां हैं लेकिन उनमें बिजली टीवी के लिए डीटीएच डिश एंटीना प्रत्येक घर में टीवी इन्वर्टर खाना बनाने के लिए गैस के साथ ही अन्य आवश्यक समझे जाने वाले सामान मौजूद हैं। शहर में यदि सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता बारीकी से जांच करें यहां भी बड़ी संख्या में रोहिंग्या और उनके संपर्क मिल सकते हैं। यहां रह रहे बांग्ला भाषी लोग कूड़ा बीनने से लेकर यहां के प्रमुख उद्योग हैंडलूम पावर लूम ईट भट्टों में भी कार्य कर रहे हैं। बताने के लिए यह लोग अपने आप को पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी बताते हैं लेकिन उनकी संदिग्ध गतिविधियों के कारण वह शक के दायरे में आते हैं। क्योंकि उनका खानपान यहां रहने किराया जितना खर्च होता है जो कार्य वह यहां कर रहे हैं उनमें इतना पैसा मिलना संभव नहीं है। कई स्थानों पर ऐसे परिवारों ने झुग्गी झोपड़ियां डालकर अपने आशियाने बनाए हुए हैं तो कुछ किराए के कमरों में रह रहे हैं। परिवार का कम से कम 1 सदस्य दो-तीन महीने में एक बार कुछ दिन के लिए यहां से जाता है। पिछले कुछ दिनों में यहां की युवतियों का पश्चिम बंगाल में विवाह होना बताया जा रहा है और कुछ युवतियां वहां से यहां दुल्हन बनकर भी आई हैं। गाजियाबाद साहिबाबाद क्षेत्र में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के समय भी मुरादनगर का नाम आया था। उस समय यह जानकारी हुई थी कि उनके संबंध मुरादनगर से भी थे लेकिन किन्ही कारणों से उस समय ऐसे तत्वों की धरपकड़ के लिए कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों शक है कि अपने आप को पश्चिम बंगाल का निवासी होने का बताने वाले बांग्लादेशी हो सकते हैं। तमाम स्थानों पर अवैध रूप से भारत में आए बांग्लादेशियों रोहिंग्या की तलाश जोर शोर से की जा रही है। ऐसे में यहां रहने वाले बांग्ला भाषी परिवारों में भी सब कुछ ठीक नहीं लग रहा उनमें बेचैनी है। अतिरिक्त सतर्कता रख रहे हैं और उनकी गतिविधियां जिन कार्यों को करने के नाम पर वह यहां रह रहे हैं उनसे कुछ हटकर दिखलाई देने लगी हैं। इस बारे में लोगों से जानकारी की जिस पर कई गंभीर बातें सामने आईं जब से देश के विभिन्न भागों से रोहिंग्या की गिरफ्तारी की खबर आ रही हैं यहां रहने वाले ऐसे परिवार उनके बारे में पूरी जानकारी रख रहे हैं।

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