प्रधानमंत्री की परियोजनाएं बहु उपयोगी हैं - विनोद जिंदल

 प्रधानमंत्री की परियोजनाएं बहु उपयोगी हैं - विनोद जिंदल


 मुरादनगर। भारत की पहली रीजनल दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल परियोजना यूं ही प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी और प्राथमिकता नहीं है। यह सामान्य यात्रियों की यात्राओं को सुगम बनाने के साथ ही एक और महत्वपूर्ण कार्य करेगी एनसीआर क्षेत्र में आपदाओं के समय गंभीर मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर का काम भी करेगी। कोरोना जैसी परिस्थितियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर के मेट्रो स्टेशनों को भी मेडिकल इमरजेंसी और सुरक्षित सफर के लिए खासतौर पर तैयार किया जा रहा है।

इस बारे में शिक्षाविद समाजसेवी विनोद जिंदल ने वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन योजनाओं पर तेजी से खुद की देखरेख में कार्य करा रहे हैं जो क्षेत्रों के लिए बहुत आवश्यक तथा एक ही परियोजना से कई लाभ मिल जा सके यह भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरठ दिल्ली कॉरिडोर के सभी स्टेशनों के डिजाइन में बड़े आकार की लिफ्टों का प्रावधान रखा गया है जो मरीजों को स्ट्रेचर सहित ले जाने और उनके परिजनों को सुरक्षित और जल्द से अस्पताल पंहुचाने में मदद कर सके। उदाहरण के तौर पर अगर किसी को मेरठ गाजियाबाद आनंद विहार या सराय काले खान हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से स्वयं या परिजनों को अच्छे इलाज के लिए दिल्ली में स्थित बडे अस्पतालों जैसे एम्स या सफदरजंग तक पंहुचना हो तो आरआरटीएस बहुत अच्छा विकल्प होगा। आज जहां दूसरी परिवहन सेवाओं से तीन-चार गुना समय लगता है वहीं आरआरटीएस कोरिडोर निर्माण के बाद 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से होने वाले इस सफर में कम से कम समय लगेगा जिससे कीमती जाने भी बचेगी लोगों को बीमारों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल पहुंचाने के लिए अधिक परेशानियां सड़क जाम एंबुलेंस न मिलने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। जिंदल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री कि कई परियोजनाओं को समझने की कोशिश की है कुछ परियोजनाएं शीघ्र प्रारंभ हो सकती हैं तथा कुछ का निर्माण कार्य प्रारंभ होने वाला है। कितनी सड़कें बने रेलवे ट्रैक बने लेकिन उनका बहु उपयोग जनता को ज्यादा लाभ कैसे मिले इस पर प्रधानमंत्री बहुत तेजी से कार्य करा रहे हैं।


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