वेस्ट मैनेजमेंट के जरिए कर रहे हैं प्रदूषण पर कंट्रोल करने की पहल युवा जल संरक्षण समिति

वेस्ट मैनेजमेंट के जरिए कर रहे हैं प्रदूषण पर कंट्रोल करने की पहल युवा जल संरक्षण समिति



मुरादनगर। युवा जल संरक्षण समिति जो पिछले काफी समय से मुरादनगर एवं उसके आसपास के क्षेत्र में जल संरक्षण अभियान चला रही है। कोनारो काल में उसके द्वारा एक नई पहल देखने को मिली।समिति के राष्ट्रीय सचिव निशांत भारद्वाज ने बताया कि देशभर में इन दिनों प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट के जरिए प्रदूषण पर कंट्रोल करने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांशतः प्लास्टिक की बोतलों को हम एक बार इस्तेमाल  करने के उपरांत कूड़े-कचरे में फेंक देते हैं लेकिन किसी भी चीज को बेकार समझकर यों ही न फेंकें। हर चीज का दोबारा प्रयोग हो सकता है। बस थोड़ा दिमाग लगाने की जरूरत होती है और यही बात युवा जल संरक्षण समिति के जल योद्धाओं ने  कोरोना काल में घर बैठे खाली समय में सिद्ध भी की है।

उन्होंने कोरोना काल में प्लास्टिक की सैकड़ों बोतलों को एकत्रित कर उन्हें गमले के रूप में इस्तेमाल कर प्लांटेशन का काम शुरू किया है। साथ ही उन्होंने फ्रूटीयों के पैकेट में पौधों को उगाकर लोगों के सामने एक उदाहरण पेश किया है। समिति के मीडिया प्रभारी श्री शिवम सचदेवा ने कहा कि  प्लास्टिक जल, पृथ्वी और वायु को प्रदूषित करती है, जिसका असर इंसान और जीव-जंतुओं पर पड़ता है। प्लास्टिक को पूरी तरह गलने में कई सौ साल लग जाते हैं। इसलिए यह ज्यादा खतरनाक है। अगर हम थोड़ी-सी भी कोशिश करें तो बेकार की चीजों का बेहतर तरीके से निस्तारण कर सकते हैं और पर्यावरण में अहम योगदान दे सकते हैं।

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