हजारों में से दो झोलाछाप डॉक्टर मिले स्वास्थ्य विभाग को

हजारों में से दो झोलाछाप डॉक्टर मिले स्वास्थ्य विभाग को


मुरादनगर। चिकित्सा विभाग को मुरादनगर में दो फर्जी चिकित्सक मिले हैं उनके खिलाफ कार्यवाही होगी। उसका लोगों को पता ही नहीं चलेगा कि बंद दुकान कुछ समय बाद खुलने पर वहीं फर्जी डॉक्टर मरीजों को दवाए देता मिलेगा। यह बात अलग है कि क्षेत्र में हजारों की संख्या में झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जान से तो खेल ही रहे हैं आर्थिक रूप से भी लूटा जा रहा है। क्षेत्र में ऐसे भी लोग डॉक्टर बनकर बैठे हैं जो अंग्रेजी में अपना नाम भी लिखना नहीं जानते नगर की छोटी-छोटी गलियों में झोलाछाप अपना जाल फैलाए हुए हैं। लोगों की कम शिक्षा भी इस सब के लिए जिम्मेदार है क्योंकि वह स्वयं ही नहीं जानते कि डॉक्टर होता क्या है। स्वास्थ्य विभाग को यह पता ना हो कि कौन-कौन कहां-कहां कैसे कैसे बैठ रहा है। धड़ल्ले से मरीजों को दवाई मनमर्जी के रेट पर दी जाती हैं। कोरोना के दौरान ऐसे तथाकथित डॉक्टरों ने खूब चांदी काटी मरीजों को बताया गया कि कोरोना के कारण दवाई महंगी मिल रही है। क्या स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में यह नहीं है कि क्षेत्र में कितने हॉस्पिटल नर्सिंग होम किस तरह से चल रहे हैं। झोलाछाप कहे जाने वाले तथाकथित डॉक्टरों से वह मरीज जुड़ता है जिसे सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पाता और महंगे अस्पतालों में जाने की उनकी आर्थिक स्थिति नहीं है। इस बारे में नगर के प्रसिद्ध चिकित्सक राधेश्याम दहिया ने कहा कि योग्य प्रशिक्षित डॉक्टर से ही स्वास्थ्य संबंधी सलाह लेनी चाहिए। जिन्होंने चिकित्सा पढ़ी नहीं अनुभव की कमी ऐसे लोग बीमारों को और बीमार बना रहे हैं।

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