देश सेवा के लिए डॉक्टर से बने पुलिस अधिकारी - डॉक्टर ईरज राजा
देश सेवा के लिए डॉक्टर से बने पुलिस अधिकारी - डॉक्टर ईरज राजा



मुरादनगर। एक ही परिवार में 7 डॉक्टर और उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के बाद भी  परिवारिक लोगों से हटकर पुलिस सेवा में आकर देश सेवा के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया। गाजियाबाद के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉक्टर ईरज राजा डॉक्टरी जैसे सम्मानित तथा बड़ी कमाई वाले पेशे को छोड़कर सिर्फ इस उद्देश्य से पुलिस सेवा में आए हैं कि अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाए वह पुलिस कर्मियों के प्रति भी उदार हैं। उन्होंने आगरा में 12 वी तक की शिक्षा ग्रहण की तथा लाला लाजपत राय कॉलेज आगरा यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस किया। उन्हें पहली पोस्टिंग बिजनौर में मिली लेकिन डॉक्टरी पेशा करने के स्थान पर आईपीएस की तैयारी करने में जी जान से जुट गए। वह बचपन से ही आईपीएस बनने का सपना देखते थे जो साकार हुआ। बावजूद एक वर्ष 2015 रेलवे ट्रेनिंग परीक्षा पास की फिर आईपीएस की 2016 की परीक्षाओं में भी वह कामयाब रहे। लखनऊ में प्रशिक्षु रहे उन्हें प्रथम तैनाती एसपी मेरठ के रूप में मिली। मेरठ के सोतीगंज में चोरी के वाहन काटने वालों पर कहर बरपाया और वहां का वह बाजार उस समय बंद हो गया। पहले प्रशिक्षु के रूप में लखनऊ रहे फिर एसपी मेरठ रहे।  गाजियाबाद में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण का पद संभाल रहे हैं। उनकी पत्नी जिन्होंने बीटेक किया हुआ है कल्याणी वर्मा होटलों का व्यवसाय संभाल रही हैं। अभी परिवार की भी जिम्मेदारी पूरी हैं सबसे छोटी बेटी आहारा राजा अभी 6 माह की ही है। पिता हैल्थ डिपार्टमेंट में डॉ अशोक कुमार अलीगढ़ माता गृहणी सुधा सिंह, बहन डा रितिका राजा  बहन के पति डिप्टी गिरीश कुमार सिंह एसपी कानपुर है छोटा भाई ऋषभ नगर निगम मैं हैं। उन्होंने बताया कि उनका पहला लक्ष्य अपराधियों को उनके अपराधों की सजा दिलाना है न्याय अमीर गरीब ऊंच-नीच न निष्पक्ष होना चाहिए।

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