श्मशान घाट पीड़ित परिवारों की महिलाएं पहुंची लखनऊ

श्मशान घाट पीड़ित परिवारों की महिलाएं पहुंची लखनऊ 



मुरादनगर। मृतकों के परिवारों की महिलाएं पहुंची मुख्यमंत्री के द्वार सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को नौकरी मकान देने तथा मामले की जांच करा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर पीड़ितों ने अधिकारियों राजनीतिज्ञों से भी गुहार लगाई गई। लेकिन कहीं से कोई सहयोग नहीं मिला इस बारे में पुष्पा, पिंकी, कविता, ममता ने बताया कि वह यहां से मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ गई थी। लेकिन किसी कारणवश मुख्यमंत्री बाहर थे उनके जनसंपर्क अधिकारी ने उनकी बातें ध्यान से सुनी उनसे नौकरी के लिए प्रार्थना पत्र लिखवाया और हमारा मुख्यमंत्री के नाम पत्र लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ममता ने बताया कि पत्र में लिखा गया है कि 3 जनवरी 2021 की दोपहर उखलारसी श्मशान घाट की नवनिर्मित छत जो कि नगर पालिका परिषद द्वारा बनवाई गई थी। उस समय गिर गई जब एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने के लिए वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र थे। 24 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी तथा एक व्यक्ति की मृत्यु इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस घटना के लिए प्रथम दृष्टया निर्माण में भ्रष्टाचार मानते हुए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। 4 जनवरी 2021 को लोगों ने कुछ शवों को हाईवे पर रख जाम लगा दिया था। कई घंटे वार्ता के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आर्थिक सहायता के साथ ही परिवार के पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी तथा किराए पर रहने वालों को आवास तथा उचित जांच का आश्वासन देकर सड़क पर रखें शवों का अंतिम संस्कार कराया था। आपने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी जांच एसआईटी से कराने का निर्णय लिया था। एसआईटी टीम कई बार संबंधित परिवारों के सदस्यों के बयान दर्ज करके ले जा चुकी हैं लेकिन हम पीड़ितों को यही पता नहीं चल रहा कि हमारे अपनों को हमसे छीनने वाले कौन हैं। अभी तक किसी पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के अलावा अन्य कोई लाभ नहीं मिला है। अधिकांश परिवारों की स्थिति ऐसी है कि उन्हें यदि नौकरी का सहारा नहीं मिला तो वह टूट जाएंगे। इस विषय में उप जिलाधिकारी मोदीनगर जिला अधिकारी गाजियाबाद क्षेत्रीय विधायक अजीत पाल त्यागी केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह सेवानिवृत्त से भी कई बार मिलकर अनुरोध किया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तथा इस घटना में कौन-कौन दोषी हैं। अभी तक क्या कार्रवाई हुई उसके बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराएं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें भरोसा है कि मुख्यमंत्री अवश्य ही उनके दुख को समझेंगे और समस्याओं का निराकरण कराएंगे।

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