काईट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में अग्रणी बीएसए ग्रुप द्वारा हुई ‘द सेंटर फॉर एडवांस्ड वुडवर्किंग' की स्थापना

काईट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में अग्रणी बीएसए ग्रुप द्वारा हुई ‘द सेंटर फॉर एडवांस्ड वुडवर्किंग' की स्थापना

मुरादनगर। आज काईट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘द सेंटर फॉर एडवांस्ड वुडवर्किंग' (सीएडब्ल्यू) की स्थापना की गयी। उद्घाटन अतुल गर्ग, माननीय राज्यमंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उ0प्र0 सरकार द्वारा रिब्बन काट कर के किया गया। संस्थान में बीएसए ग्रुप के सहयोग से सेण्टर का शुभारम्भ होने पर मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और निर्यात संवर्धन, उत्तर प्रदेश सरकार, ने सभी छात्र- छात्राओं को शुभकामनायें दीं। इस सेण्टर की स्थापना लकड़ी, कांच, पत्थर, धातु और उन्नत सामग्रियों के प्रसंस्करण के लिए मशीनों के डिजाइन और निर्माण में अग्रणी बीएसए ग्रुप के सहयोग से की गयी है।

काईट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक डॉ (कर्नल) आमिक गर्ग ने बताया कि 'द सेंटर फॉर एडवांस्ड वुडवर्किंग' का उद्देश्य वुडवर्किंग उद्योग में युवा पेशेवरों और नवोदित उद्यमियों के बीच आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना और आवश्यक कौशल विकसित करना है। यह सेंटर सीएडब्ल्यू बीएसए ग्रुप के 'थिंक फॉरवर्ड' के विजन को अनुनादित करेगा और दूरदर्शिता बनाए रखने में कंपनी के विश्वास को पुनः स्थापित करेगा। बीएसए इंडिया सबसे उन्नत वुडवर्किंग मशीनरी और सॉफ्टवेयर सीएडब्ल्यू में उपलब्ध कराएगा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के विकास में सहायता प्रदान करेगा।

माननीय कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और निर्यात संवर्धन, उत्तर प्रदेश सरकार, ने बताया कि युवावर्ग तकनीक के माध्यम से सीखने के लिए सक्षम है, लेकिन हमें उन्हे सही समय पर एवं सही दिशा मे प्रेरित और प्रबुद्ध करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि “यदि समाज मे व्यवसाय हैं तो ही आपको नौकरी मिल पाएगी अन्यथा आजीविका चलाना काफी कठिन साबित होगा। उन्होने यह भी साझा किया कि वैश्विक उद्योग किसी अन्य विकसित देश की तुलना में भारत मे अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं, यहां तक कि उनका मानना है कि भारत में कौशल की बेहतर क्षमता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि सरकार ने टाटा और सीमेंस के साथ करार करते हुए एक उत्कृष्ट रक्षा केंद्र की स्थापना की है I अब वीवो, ओप्पो, सैमसंग आदि बड़ी-बड़ी कंपनी के सामानो की मैन्युफैक्चरिंग उत्तर प्रदेश मे ही हो रही है। किन्तु उसी स्तर को बनाए रखने के लिए एक इंजीनियरंग या चिकित्सा छात्र को किसी उत्कृष्ट केंद्र से कौशल प्रमाण लेना अति आवश्यक हो गया है अन्यथा उन्हे उच्चस्तरीय बहु-राष्ट्रीय कंपनी मे नौकरी मिलना आसान नही होगा। उन्होने एक स्वागत योग्य प्रस्ताव रखा कि काइट उपरोक्त के लिए प्रशिक्षण प्रदान करें जिससे विधार्थी कौशल के साथ-साथ श्रेष्ठ उत्पादन करने में आगे आ सकें और हमारे प्रदेश व देश का अंतर्राष्ट्रीय पटल पर नाम ऊंचा हो।

अतुल गर्ग ने युवाओं को अपनी स्किल पहचानने व स्टार्टअप का पौधा लगाने के लिए भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदद्त अवसरो को भुनाने के लिए प्रेरित किया।

संयुक्त निदेशक काईट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, डॉ मनोज गोयल ने संस्थान के छात्रों एवं फैकल्टी मेंबर्स को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि पाठ्यक्रम के सफल समापन के बाद, छात्रों को बीएसए इंडिया, केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस व फर्नीचर और फिटिंग स्किल काउंसिल द्वारा संयुक्त रूप से एक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र 'वुडवर्किंग में सीएडी/सीएएम' प्रदान किया जाएगा।

बिस्से इंडिया के सेल्स एंड मार्केटिंग डायरेक्टर मिस्टर स्टेफानो बोटेन और बिसे इंडिया के चीफ प्रोग्राम ऑफिसर प्रहलादा केएन बिस्से इंडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए सेण्टर के उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे और संस्थान के सभी मेंबर्स को शुभकामनायें दीं।

मिस्टर बोटेन ने बिस्से इंडिया के बारे में बताया कि बिस्से इंडिया एक व्यावसायिक यूनिट है जो वुडवर्किंग सेगमेंट में विशेषज्ञता रखती है। 1969 से, इसने जॉइनर्स और बड़े फर्नीचर, खिड़कियां, दरवाजे और लकड़ी के निर्माण घटकों के निर्माताओं के लिए टेक्नोलॉजीज और सोलूशन्स का डिजाइन, निर्माण और मार्केटिंग कार्य किया है। प्रहलाद केएन ने कहा कि हमें छात्रों के भविष्य के विकास के लिए काईट ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन्स के साथ एमओयू साइन करके बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं क्योंकि काइट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्सेज में प्रवेश पाने हेतु युवाओं के लिए प्रमुख संस्थानों में से एक है। यह अपने छात्रों के कल्याण के लिए निंरतर प्रयास करता है जो उन्हें राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय दोनों प्लेटफार्मों पर सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है। सीएडब्ल्यू के उद्घाटन वाले दिन से ही 10 छात्रों का पहला बैच अपना पाठ्यक्रम शुरू करेगा। राहुल मेहता, सीईओ फर्नीचर और फिटिंग स्किल काउंसिल (एफएफएससी) ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपके लिए अभी ये केवल शुरुआत है, अभी काफी आगे बढ़ना है।

संस्थान में 'द सेंटर फॉर एडवांस्ड वुडवर्किंग' के हेड डॉ आशीष कर्णवाल ने कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि अतुल गर्ग, मुख्य अतिथि सिद्धार्थ नाथ सिंह, राहुल मेहता, स्टेफानो बोटेन, कॉलेज मैनेजमेंट, कॉलेज निदेशक, सयुंक्त निदेशक, सभी डींस, हेड्स का कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। सभी विभागाध्यक्षों, सभी फैकल्टी मेंबर्स व् सभी छात्र-छात्राओं का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग के बिना इस तरह के सेंटर्स की स्थापना और इस प्रकार के क्रार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन करना मुश्किल था। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों द्वारा देश के सम्मान में राष्ट्रीय गान को मधुर स्वर से एक साथ गा कर किया गया।

इस अवसर पर कॉलेज के डींस, सुनील पी गुप्ता, सरिश, सभी विभागाध्यक्ष, डॉ. शशांक भारद्वाज, आदि उपस्थित रहे।


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