पीड़ित परिवार के युवा भी बैठे भूख हड़ताल पर, धरना अभी भी जारी

पीड़ित परिवार के युवा भी बैठे भूख हड़ताल पर, धरना अभी भी जारी





मुरादनगर। नगर पालिका परिषद कार्यालय पर दूसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रही महिलाओं के साथ ही पीड़ित परिवारों के युवक भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। दूसरे दिन 3 महिलाओं पुष्पलता, निधि, पिंकी तथा पीड़ित परिवार के युवक रविंद्र ने उभी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। 3 जनवरी 2021 को नगर पालिका परिषद मुरादनगर द्वारा उखलारसी स्थित श्मशान घाट में बनाए गए  बरांडे का लेंटर अचानक वहां स्वर्गीय जयपाल सिंह का अंतिम संस्कार कराने गए लोगों के ऊपर गिर गया था। जिसमें 25 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी तथा दर्जनभर से अधिक लोग घायल हुए थे। आक्रोशित लोगों ने मृतकों के शव मेरठ दिल्ली हाईवे पर रख जाम लगा दिया था। अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी आवास बच्चों की उच्च शिक्षा तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए घायलों के इलाज की भी जिम्मेदारी ली थी। लेकिन तब भी कई घंटे बाद जाम खुल सका था आंदोलनकारी पीड़ित परिवारों के सदस्यों का कहना है कि सरकार ने उस समय अधिकारियों से लोगों से झूठे वादे कराए थे। लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय न मिलना सरकार की विफलता साबित हो रही है। 
यह सरकार किसी को बचाने के प्रयास में पूरे मामले को दबाए हुए हैं। भीषण सर्दी शुरू हो चुकी है ऐसे में पीड़ित परिवारों की महिलाएं छोटे बच्चे न्याय के लिए भूख हड़ताल धरने प्रदर्शन के लिए मजबूर हैं। शिवसेना के वरिष्ठ नेता महेश कुमार आहूजा ने धरना स्थल पर पहुंच आंदोलनकारियों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि वह हर संघर्ष में उनके साथ रहेंगे। 
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार न्याय के लिए 29 नवंबर से धरना दे रहे हैं और अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है लेकिन आश्चर्य है कि पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। वहीं पीड़ित आंदोलनकारियों ने भी दोहराया है, कि मांगे पूरी होने से पहले वह यहां से नहीं हटेंगे। श्रीमती पुष्पा ने कहा कि सरकार के लिए कुछ भी असंभव नहीं है यदि वह इमानदारी से हमें न्याय देना चाहे तो कुछ ही घंटों में सभी समस्याओं मांगों का निस्तारण हो सकता है। लेकिन सरकार अभी हम गरीब वर्ग के लोगों की आवाज नहीं सुन रही हमारा आंदोलन मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा। 
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