जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में क्षेत्र का जवान शहीद

जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में क्षेत्र का जवान शहीद



मुरादनगर। क्षेत्र का एक और रण बांकुरा जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गया। शहादत की खबर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। क्षेत्र से बड़ी संख्या में शहीद के आवास पर एकत्र हो गए। लोगों को दुख है लेकिन क्षेत्र के लाल की कुर्बानी पर गर्व भी है। 
गांव भिक्कनपुर निवासी किसान विकास उर्फ बच्चू चौधरी का पुत्र बॉबी चौधरी 2018 में  आर्मी आर्म्ड फोर्स में भर्ती हुए थे वह 60 कैलीबर के जवान थे। एक बड़े भाई और एक बहन से छोटे बॉबी चौधरी शुरू से ही फौज में शामिल हो देश सेवा करना चाहते थे। इन दिनों वह जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनात थे। सुबह उनके परिजनों के पास सूचना आई कि बॉबी चौधरी आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां कमलेश देवी की खबर सुनकर हालत खराब हो गई वह अभी अविवाहित थे। क्षेत्र में भी यह खबर आग की तरह फैल गई। 
मुरादनगर तथा आसपास के गांवों के लोग भिक्कनपुर पहुंचने लगे गांव में बड़ी संख्या में राजनीतिक सामाजिक लोगों के साथ ही प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचने शुरू हो गए। जब तक सूरज चांद रहेगा बॉबी चौधरी तेरा नाम रहेगा। बॉबी चौधरी अमर रहे के नारों  के उद्घोष से क्षेत्र गुंजायमान हो गया। पार्थिव शरीर गांव में देर शाम तक पहुंचने की उम्मीद लगाई जा रही है लेकिन क्षेत्रवासी शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र होने लगे हैं। परिजनों के अनुसार बॉबी चौधरी की अभी लगभग 21 वर्ष आयु थी। इतनी अल्प आयु में ही देश के अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अभी भाई  पढ़ाई कर रहे हैं बहन का  विवाह हो चुका है। उनके बड़े भाई विक्रांत चौधरी ने बताया कि उनके पास सुबह फोन द्वारा अधिकारियों ने सूचना दी कि सुबह लगभग 5 बजे आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से बॉबी चौधरी शहीद हो गए हैं तब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली। पार्थिव शरीर जम्मू कश्मीर से दिल्ली हवाई जहाज द्वारा तथा वहां से मेरठ कैंट पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां कर पार्थिव शरीर गांव में लाए जाने की जानकारी दी गई है। क्षेत्र के कई सैनिक पहले भी शहीद हो चुके हैं। क्षेत्र में गमगीन माहौल है।

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