युवा पीढ़ी एवं बच्चों को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के अधिकारियों का बड़ा प्रयास

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय के द्वारा कलेक्ट्रेट के सभागार में नशा मुक्ति के संबंध में की गई महत्वपूर्ण बैठक, अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश


गाज़ियाबाद। जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में आज नशे  की ड्रग्स की रोकथाम के लिए जिला नशा नाश  योजना (डी एन एन वाई) की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान परिवेश में कुछ ऐसे बच्चे हैं, जिनका कोई गार्जियन नहीं है। वह बच्चे एक तरह से सड़कों पर रहते हैं तथा नशे के आदी हो जाते हैं।



इसलिए हम सबकी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों को इलाज के लिए चिन्हित करते हुए उनकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा नशे में संलिप्त है तो उसके अभिभावकों को समस्या को गहराई से समझते हुए अपने बच्चे को उस सर्किल से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए। समीक्षा में जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि 120 स्कूलों में नशा सावधान समिति का गठन कराया जा चुका है और शीघ्र ही शेष बचे हुए स्कूलों में भी समिति का गठन करा दिया जाएगा।


बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे 28 संवेदनशील हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं जहां नशे संबंधी गतिविधियां ज्यादा चलती हैं, जिनमें से नया बस अड्डा गाजियाबाद, पुराना बस अड्डा गाजियाबाद, सब्जी मंडी घंटाघर निकट लेबर चौक, कैला भट्टा, रेलवे स्टेशन, स्कूल, पार्क आदि हैं जहां हमें विशेष सावधानी बरतनी हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि नशा ड्रग्स की रोकथाम के लिए बनाए गए संकल्प ग्रुप में पुरुष ग्रुप में 23 सदस्य  हैं, जिसमें आईवी ड्रग यूज़र्स और उनके परिवार के सदस्य हैं तथा महिला ग्रुप में 25 सदस्य है जिसमें ड्रग यूज़र्स की माता, पत्नी एवं बहने शामिल हैं। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित करते वह कहा कि यदि कोई अनाथ ड्रग्स यूजर है तो उसे विधवा आश्रम, अनाथ आश्रम, विकलांग आश्रम में व्यवस्थित कराने का प्रयास करें ताकि वह नशे की आदत को छोड़ सके।


उन्होंने एन जी ओ से आए हुए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वह इस दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए अधिक से अधिक संलिप्त बच्चों को इस गलत आदत से बाहर निकालने का प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन के गुप्ता, जिला विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी गण एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।


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