मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिवस के अवसर पर प्रत्येक मॉडल ग्रामों में किसान मेला / गोष्ठी का आयोजन किया गया  

कृषि को मृदा की उर्वरकता बनाये रखने हेतु मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता एवं उनमे दी गई संस्तुतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी  


ग़ाज़ियाबाद। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना अंतर्गत वर्ष 2019 - 20 में चयनित मॉडल ग्रामों में आज दिनांक 19 फरवरी 2020 को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिवस के अवसर पर प्रत्येक मॉडल ग्रामों में किसान मेला / गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। उपकृषि निदेशक गाजियाबाद द्वारा कृषकों को मृदा की उर्वरकता बनाये रखने हेतु मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता एवं उनमे दी गई संस्तुतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।



जिला कृषि अधिकारी गाजियाबाद ने कृषकों को गन्ने की फसल के स्थान पर अन्य फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने के साथ कृषि विविधीकरण अपनाने की अपील की। इस अवसर पर विकास खण्ड मुरादनगर के मॉडल ग्राम मिलकरावली में आयोजित किसान मेले में डा० वीरेन्द्र कुमार उप कृषि निदेशक गाजियाबाद . डा0 राकेश कुमार जिला कृषि अधिकारी गाजियाबाद ,  योगेश वशिष्ठ सहायक विकास अधिकारी ( कृषि ) एवं  विशेष कुमार पी०पी०एस० आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।


विकास खण्ड रजापुर के मॉडल ग्राम सादतनगर इकला में आयोजित किया गया। किसान मेले में डा० आर०एस० वर्मा जिला कृषि रक्षा अधिकारी, अब्दुल अजीज सहायक विकास अधिकारी (कृषि), सुनील कुमार वरिष्ठ प्राविधिक सहायक - बी एवं सेवा निवृत्त रमाकान्त गुप्ता वरिष्ठ प्राविधिक सहायक - ए द्वारा प्रतिभाग किया। 


विकास खण्ड भोजपुर के मॉडल ग्राम मकरमतपुर सिखेड़ा में आयोजित किसान मेले में चरन सिंह उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी मोदीनगर, डा0 सूरजभान सिंह कृषि वैज्ञानिक मुरादनगर, सुनील कुमार वरिष्ठ प्राविधिक सहायक - बी, सुरेन्द्रपाल सिंह सहायक विकास अधिकारी (कृषि) एवं विकास खण्ड लोनी के मॉडल ग्राम सिखरानी में आयोजित किसान मेले में  सुषमा सूद भूमि संरक्षण अधिकारी, डा० तुलसा रानी कृषि वैज्ञानिक, रणवीर सिंह सहायक विकास अधिकारी (कृषि) आदि‌ अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा उनके द्वारा कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुरूप संस्तुतियों के आधार पर संतुलित उर्वरक, मृदा सुधारक, जैव उर्वरक व जैविक खाद के प्रयोग करने हेतु जागरूक किया गया। इन मेलों में लगभग 471 कृषकों द्वारा प्रतिभाग कर ज्ञान अर्जित किया।


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