विधान परिषद चुनाव के लिए मुरादनगर के प्रत्याशी महावीर यादव आए मैदान में

विधान परिषद चुनाव के लिए मुरादनगर के प्रत्याशी महावीर यादव आए मैदान में



मुरादनगर। सहारनपुर मेरठ खंड विधान परिषद सीट के लिए होने वाले चुनावों में कई प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं मुरादनगर क्षेत्र से भी इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी मैदान में आने से अन्य प्रत्याशियों में बेचैनी बढ़ गई है। मुरादनगर क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले को स्थानीय लोग अपना मान कर चुनाव लड़ाने के लिए साथ आ गए हैं। उम्मीदवारों की फेहरिस्त में तो नया नाम है लेकिन क्षेत्र के लिए यह नाम अनजान नहीं है। मुरादनगर क्षेत्र के गांव सुराना निवासी लंबे समय तक पत्रकारिता जगत से जुड़े रहे व हत्या जैसे मामलों में जेल जाकर न्यायालय सहित निर्दोष सिद्ध होने के बाद महावीर यादव ने चुनाव में हुंकार भरी है। यादव का परिवार उनके पिताजी के बालाजी  मंदिर के सर्वे सर्वा है। इसलिए आसपास के क्षेत्र में इस परिवार को बालाजी वालों के नाम से जाना जाता है।
खंड स्नातक चुनाव में कई पार्टियां भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर उन्हें जिताने के लिए तमाम जोड़-तोड़ कर रही हैं। वहीं महावीर यादव के इस चुनाव में आ जाने से चुनाव रोचक हो गया है। स्थानीय होने के नाते मुरादनगर क्षेत्र की 70% स्नातक मत मिलने का वह दावा कर रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि उन्हें पत्रकारिता जैसे सेवा के कार्य से हटाकर हत्या जैसे मामलों में जेल भेजने वालों को जनता भी उन्हें जिता कर जवाब देगी। यादव अभी तक चुनावी माहौल को देख समझ रहे थे। लोगों का प्रोत्साहन वह समर्थन मिलता देख उन्होंने चुनाव में ताल ठोकने की घोषणा की है। महावीर के इस चुनाव में आने से कई प्रत्याशियों के समीकरण बिगड़ेंगे क्योंकि इस परिवार का जोड़ा हो परोक्ष अपरोक्ष रूप से कई राजनीतिक परिवारों से भी जुड़ा हुआ है जो कि समाज में अपनी एक अलग पहचान और पकड़ रखते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव भी उनके काम आने वाला होगा क्योंकि पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाला क्षेत्र में समाज की हर समस्या को गहराई से जानता है और विस्तृत जनसंपर्क होने का लाभ भी मिल जाता है। मुरादनगर क्षेत्र से चुनाव के मैदान में महावीर के आने से स्थानीय लोग इस बात से प्रसन्न हैं कि मुरादनगर का नाम आगे बढ़ाने वाला कोई मैदान में आया। हालांकि स्नातक चुनाव में एक एक वोट महत्वपूर्ण होती है और प्रत्येक मतदाता से सीधे संपर्क कर पाना भी कई बार प्रत्याशियों के लिए मुश्किल हो जाता है।
इस चुनाव में धनबल, बाहुबल, कम काम करते हैं। जनसंपर्क और अनुभव ज्यादा लोगों को जोड़ते हैं। हालांकि अभी चुनाव में समय है और भी कई प्रत्याशी मैदान में आ सकते हैं।  लेकिन जिस चुनाव को बे रोनक का चुनाव कहा जाता था वह अब रोनक वाला होने के पूरे आसार बन रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने भी महावीर यादव की उम्मीदवारी पर उन्हें बधाई दी है।


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