भारतीय संविधान को पूरे विश्व में सम्मान मिलता है - डॉक्टर अनिला सिंह आर्य

भारतीय संविधान को पूरे विश्व में सम्मान मिलता है - डॉक्टर अनिला सिंह आर्य

 


 

मुरादनगर। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने अपना जीवन लोगों को समर्पित कर दिया। यह गर्व की बात है कि भारतीय संविधान को पूरे विश्व में सम्मान की निगाहों से देखा जाता है।  यह बातें वरिष्ठ भाजपा नेत्री वआत्माराम सेवा ट्रस्ट की अध्यक्षा डॉक्टर अनिला सिंह आर्य ने संविधान निर्माता डाक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर अपने आवास पर कोरोना वायरस को मद्देनजर रखते हुए उनके चित्र के समक्ष दीप करने के बाद कहीं दीप प्रज्वलित किया और पुष्प अर्पित किये।

अनिला ने कहा कि बाबा भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन के संघर्ष, अपमान व उपलब्धियों पर विचार व्यक्त किये। आज समाज के किसी भी वर्ग का विकास चाहिए तो उसे संघर्षरत होना चाहिये शिक्षा से प्रेरित होना चाहिए  और संगठित होकर विकास पथ पर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को वोट देने का अधिकार, शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार  संविधान की ही देन है। 

भाजपा  सरकार ने पंच तीर्थ की स्थापना की। 

वंचितों, दुर्बलों, मजदूरों, किसानों के अधिकारों को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े संविधान में सुरक्षित करने का श्रेय डॉक्टर अम्बेडकर को ही जाता है। 

हमें  उनके  जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए कि विपरीत परिस्थितियों में भी एक व्यक्ति कैसे बुलंदियों को छूकर वैश्विक चरित्र बन जाता है। यूँ ही कोई भगवान नहीं बन जाता। उसके लिए स्वयं को भस्म करना पड़ता है ज्ञान की भट्टी में। देश आपको शत-शत नमन करके  गौरवान्वित महसूस कर रहा है। डाक्टर उपेन्द्र कुमार आर्य और करिश्मा राठी की उपस्थिति रही।

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने अपना जीवन लोगों को समर्पित कर दिया। यह गर्व की बात है कि भारतीय संविधान को पूरे विश्व में सम्मान की निगाहों से देखा जाता है।  यह बातें वरिष्ठ भाजपा नेत्री वआत्माराम सेवा ट्रस्ट की अध्यक्षा डॉक्टर अनिला सिंह आर्य ने संविधान निर्माता डाक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर अपने आवास पर कोरोना वायरस को मद्देनजर रखते हुए उनके चित्र के समक्ष दीप करने के बाद कहीं दीप प्रज्वलित किया और पुष्प अर्पित किये।

अनिला ने कहा कि बाबा भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन के संघर्ष, अपमान व उपलब्धियों पर विचार व्यक्त किये। आज समाज के किसी भी वर्ग का विकास चाहिए तो उसे संघर्षरत होना चाहिये शिक्षा से प्रेरित होना चाहिए  और संगठित होकर विकास पथ पर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को वोट देने का अधिकार, शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार  संविधान की ही देन है। 

भाजपा  सरकार ने पंच तीर्थ की स्थापना की। 

वंचितों, दुर्बलों, मजदूरों, किसानों के अधिकारों को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े संविधान में सुरक्षित करने का श्रेय डॉक्टर अम्बेडकर को ही जाता है। 

हमें  उनके  जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए कि विपरीत परिस्थितियों में भी एक व्यक्ति कैसे बुलंदियों को छूकर वैश्विक चरित्र बन जाता है। यूँ ही कोई भगवान नहीं बन जाता। उसके लिए स्वयं को भस्म करना पड़ता है ज्ञान की भट्टी में। देश आपको शत-शत नमन करके  गौरवान्वित महसूस कर रहा है। डाक्टर उपेन्द्र कुमार आर्य और करिश्मा राठी की उपस्थिति रही।

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