जनधन खातों में से ₹500 मिली सरकारी मदद का पैसा निकालने के लिए महिलाएं आ रही हैं 15 किलोमीटर की दूरी तय करके
जनधन खातों में से ₹500 मिली सरकारी मदद का पैसा निकालने के लिए महिलाएं आ रही हैं 15 किलोमीटर की दूरी तय करके

 


 

मुरादनगर। नगर की बैंकों के जनधन खातों में आई ₹500 की मिली सरकारी मदद का पैसा निकालने के लिए लोग 15 किलोमीटर की दूरी पैदल कर खाते से पैसा निकालने पहुंच रहे हैं। कोरोना आपदा के बाद घोषित लॉक डाउन के दौरान जनधन खाताधारकों के खातों में सरकारी मदद के नाम पर ₹500 भेजे गए हैं। उस पैसे को निकालने के लिए नगर के बैंकों पर बैंक खुलने के समय से काफी देर पहले ही महिलाओं की लंबी लाइनें लग जाती है। जिसके कारण कुछ खाताधारकों को पैसे मिल जाते हैं, कुछ को खाली हाथ लौटना पड़ता है। मुरादनगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर सुराना गांव में स्थित भारतीय स्टेट बैंक के जन सेवा केंद्र पर मुरादनगर से रुपए निकालने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच रही हैं। यह राहत है कि उन्हें यहां से निराश नहीं लौटना पड़ता। ऐसे संकट के समय में आने तक को परेशान लोगों के लिए ₹500 मिल जाना भी बड़ी बात लग रही है।

सुराना के जन सेवा केंद्र के संचालक महावीर सिंह ने बताया कि लॉक डाउन से पहले जनधन खातों से प्रतिदिन 5 से 10 तक लोग निकासी करते थे लेकिन अब वह संख्या 50 को पार कर गई है। बड़ी संख्या में महिलाएं मुरादनगर शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी स्टेट बैंक के जन सेवा केंद्र पर महिलाएं पहुंच रही हैं। महावीर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। लोगों की स्थिति को देखते हुए यहां जन सेवा केंद्र द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाएं अधिक से अधिक लोगों को प्रातः से रात तक केंद्र खोला जा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकांश जनधन खाते महिलाओं के नाम से है, उन्हें ही बैंक से जाकर फार्म के द्वारा रुपए निकाले जाते हैं जिसके कारण बैंकों पर काफी भीड़ हो रही है। कुछ महिलाएं ठीक से फार्म भी नहीं भर पाती। जन सेवा केंद्र पर अंगूठे के निशान मिलान के बाद रुपया खाते से निकालकर दे दिया जाता है। इस वजह से भी बड़ी संख्या में यहां से रुपए लेने के लिए खाताधारक गांव तक पहुंच रहे हैं। कुछ महिलाएं पैदल कुछ वाहन वालों से लिफ्ट लेकर केंद्र तक पहुंच रही है। 

उन्होंने कहा बताया कि महामारी के दौरान पूरी सावधानी रखी जाती है। लेकिन फिर भी संक्रमण का खतरा हर समय सिर पर मंडराता रहता है। लेकिन लोगों की परेशानी को देखते हुए हम प्रयास कर रहे हैं कि अपने खाते से पैसा निकालने के लिए आने वाला कोई भी बैंक उपभोक्ता निराश ने लौटे जो सहायता राशि सरदार ने खातों में भेजी है वह उन्हें आसानी से शीघ्र मिल सके ऐसा प्रयास किया जा रहा है।

 

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