तथाकथित नेता के भुलावे में व्यापारियों ने खाई लाठी 
तथाकथित नेता के भुलावे में व्यापारियों ने खाई लाठी 

 

मुरादनगर। शुक्रवार 15 मई शायद मुरादनगर के व्यापारियों को  पूरी उम्र भूले नहीं  पाएंगे क्योंकि उन्होंने तथाकथित व्यापारी नेताओं के कारण ही उनको पुलिस प्रशासन की लाठी का शिकार बनना पड़ा। नगर के किसी व्यापार मंडल के तथाकथित स्वयंभू अध्यक्ष ने व्हाट्सएप ग्रुपों पर सभी व्यापारियों के लिए यह संदेश चलाया कि पुलिस प्रशासन की पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद यह तय हुआ है कि प्रातः से कुछ घंटों के लिए बाजार निर्विवाद रूप से खुलेंगे। व्यापारी उस ही मैसेज को सरकार का फैसला समझ बैठे क्योंकि मैसेज स्वयंभू अध्यक्ष ने किया था।

केंद्र सरकार द्वारा घोषित लॉक डाउन में बताए गए दिशा निर्देशों के अनुसार अभी तक नगर के व्यापारी कार्य कर रहे थे। कुछ की दुकानें खुली थी किन्ही कारणों से बाकी दुकानों को खोलने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी। इस आपातकाल में बड़ी संख्या में लोग सरकारी दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं और यहां के व्यवसाई भी सरकार के अगले कदम और घोषणाओं के इंतजार में अपने घरों में बैठे थे।  व्यापारी वर्ग का व्यक्ति यदि 1 दिन भी घर में बैठ जाए वह परेशान हो जाता है क्योंकि व्यापार चलने से आर्थिक आय के साथ ही उसका जीवन चक्र चलता है। ऐसे में यदि मनचाही मुराद वह भी किसी तथाकथित अध्यक्ष द्वारा इसी को लेकर व्यापारी भ्रमित हो गए। दुकानों पर ग्राहकों के इंतजार हर व्यापारी को होती है। ग्राहक के स्थान पर उन्हें पुलिस प्रशासन की 40 चाबुक का दंश झेलना पड़ा। उसके बावजूद भी शायद मुरादनगर के व्यापारी नेताओं या व्यापारियों की किस्मत खराब है कि उन्हें कोई सत्य से अवगत करा धरातल पर लाने वाला नहीं दिखलाई देता। कोरोना कहर को लेकर सरकार ने पूरे देश में तालाबंदी कराई गई है। सरकार के निर्देशों का पालन करने के लिए व्यापारी हमेशा सबसे आगे रहता है ऐसा ही मुरादनगर में भी था। लॉक डाउन घोषणा के बाद से ही यहां का व्यापारी वर्ग पूरी तरह से सजग  सतर्क रहता चलाया और इस महामारी में पूरा सहयोग दिया।

लेकिन बेचारे व्यापारियों की पूरी मेहनत को 1 व्हाट्सएप संदेश ने समाप्त कर दिया। सोशल मीडिया पर संदेश चला कि समस्त बाजार 10 से 6:00 बजे तक खोलने की अनुमति प्रशासनिक अधिकारियों ने दे दी है। यह संदेश किसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष बताए जाने वाले पंकज गर्ग नाम के व्यक्ति के व्हाट्सएप से समस्त व्यापारियों व मीडिया के सामने पहुंचा। एक बार मीडिया कर्मी भी संदेश को पढ़कर चौंक गए लेकिन एक जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा चलाए गए संदेश को नजरअंदाज करना भी कुछ लोगों ने उचित नहीं समझा। क्योंकि मैसेज तथाकथित अध्यक्ष की ओर से आया था। भौर होते ही अधिकांश व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों दुकानों पर पहुंच गए। अध्यक्ष के संदेश के सहारे वह अपने प्रतिष्ठान खोल ग्राहकों की इंतजार में थे कि पुलिस की लाठियां चलती नजर आई। कुछ लोगों को चोट भी लगी बाकी हालात को भाँप भाग निकले। ऐसे में नगर के संभ्रांत लोगों का कहना है कि कोई अपनी जेब में अपनी संस्था बनाकर स्वयंभू बन निर्दोष लोगों के उत्पीड़न का कारण बन रहे हैं।

मुरादनगर क्षेत्र पुलिस प्रशासन ने जोनों में विभक्त किया हुआ है उसी के अनुसार कुछ व्यापारिक गतिविधियां सामाजिक पहचान के लिए कुछ समय निर्धारित किया हुआ है। उन्हीं का अभी तक व्यापारी पालन कर रहे थे लेकिन गलत संदेश के कारण दुकानों पर बैठे व्यापारियों को पुलिस प्रशासन का कोप भाजन बनना पड़ा।

नगर के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि ऐसी जिम्मेदारी भरे पद का नाम लेकर लोगों प्रशासन के बीच खाई बना नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाने के मामले में ऐसा संदेश चलाने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। नगर में व्यापारी नेताओं की यूनियनों के नाम पर काम करने वाले कुछ लोग भोले भाले लोगों को भ्रमित कर सभी का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्र के समस्त नगरवासी व ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापारियों पर की गई सख्ती को भूल करार देते हुए व्यापारियों को संदेश भेजकर, उनके प्रतिष्ठानों को खुलवा पूरे कोरोना ध्वस्त और सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के मामले में कार्रवाई किया जाना आवश्यक है, ताकि निकट भविष्य में ऐसी गलती दोबारा कोई न कर सके।

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